फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

‘खामोश' मौत: 3.5 घंटे में ऐसा क्या हुआ? CCTV से चैट तक खंगाल रही पुलिस, कमरा नंबर 106 का राज, होटल सुसाइड केस

Sun, 12 Jul 2026 06:09 AM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur Hotel Suicide Case: सूर्या होटल के एक कमरे में प्रेमी-प्रेमिका ने आत्महत्या कर ली। शनिवार दोपहर को होटल में दाखिल हुए दोनों के बीच कमरे के अंदर साढ़े तीन घंटे में ऐसा क्या हुआ। इसकी जांच पुलिस सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल और व्हाट्सएप चैट के माध्यम से कर रही है।
विज्ञापन
Kanpur Hotel Suicide Case - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कानपुर में घंटाघर के सूर्या होटल के जिस कमरा नंबर 106 में शिवांगी और दिग्विजय शनिवार दोपहर से ठहरे थे। उस कमरे में साढ़े तीन घंटे के भीतर आखिर ऐसा क्या हुआ कि दोनों ने अपनी जिंदगी ही खत्म करने का फैसला कर लिया। इस गुत्थी को सुलझाने के लिए पुलिस न सिर्फ होटल कर्मियों से एक-एक मिनट की जानकारी ले रही है, बल्कि वहां लगे सीसीटीवी के फुटेज को गंभीरता से देख रही है।

विज्ञापन

दोनों के मोबाइल की कॉल डिटेल और व्हाट्सएप चैट खंगाली जा रही है। पुलिस की मानें तो दोपहर 12:30 बजे जब शिवांगी और दिग्विजय होटल में प्रवेश कर रहे थे तो जैसा कि फुटेज में दिखाई दे रहा है, उनके चेहरों पर कोई शिकन जैसे कोई भाव नहीं थे, जो कि आत्महत्या का संकेत दे रहो हो। कमरे में जाने के बाद दोनों ने कमरा भी बंद नहीं किया और बाहर भी नहीं निकले।

http://



दोनों पहले भी सूर्या होटल रुके होंगे

शाम करीब चार बजे शिवांगी के चीखने पर घटना प्रकाश में आई। यह भी हो सकता है कि दोनों में आपस में ही किसी बात को लेकर विवाद हुआ हो। फिलहाल पुलिस हर बिंदु पर गंभीरता से जांच कर रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार वे दोनों पहले भी सूर्या होटल रुके होंगे। यह होटल गली का अकेला होटल है, जबकि उसके बगल वाली गली में कई होटल बने हुए हैं। इससे पहले दोनों कब होटल आए, इसके लिए वहां का रजिस्टर खंगाला जा रहा है।

पढ़ाई के साथ कचहरी में प्रैक्टिस करती थी शिवांगी
शिवांगी सदर कोतवाली के मोहल्ला अकरमपुर की रहने वाली थी। वकालत की पढ़ाई करने के साथ शहर के अधिवक्ता के बस्ते पर प्रैक्टिस करती थी। हालांकि दिग्विजय से रिश्ते के चलते परिवार में कलह बढ़ने से वह जनवरी से कचहरी नहीं गई थी। शिवांगी का पति स्कूल में वैन चलवाता था, लेकिन तीन महीने से वह गुजरात में हैं। शिवांगी के 12 साल का बेटा और नौ साल की बेटी है।

15 साल पहले हुई थी शादी
पुरवा कोतवाली के भादिन गांव (मायका) की रहने वाली शिवांगी की शादी 15 साल पहले सदर कोतवाली के अकरमपुर मोहल्ला निवासी धीरू तिवारी से हुई थी। बच्चों की अच्छी परवरिश व शिवांगी को पढ़ाने के लिए दामाद धीरू तीन महीने पहले गुजरात के अहमदाबाद कमाने चला गया था। शिवांगी के पिता राजेंद्र शुक्ला व अन्य परिजन सूचना मिलते ही कानपुर के लिए रवाना हो गए।

बोली थी- सहेली को देखने जा रही है कानपुर
मां के अनुसार शनिवार दोपहर करीब 12 बजे शिवांगी ने पिता राजेंद्र शुक्ल को फोन किया था। बताया था कि उसकी सहेली की तबीयत खराब है। उसे देखने कानपुर जा रही है। मां ने बताया कि दामाद को सूचना दे दी गई है। वह घर आने के लिए निकले हैं।

मथुरा ड्यूटी पर जाने की बात कहकर निकला था दिग्विजय
राधानगर पुलिस से दिग्विजय की मौत की जानकारी मिलते ही उसके चाचा आशीष सिंह, जयप्रकाश सिंह शनिवार रात कानपुर के लिए निकल गए। राधानगर थाना क्षेत्र के रमवां गांव के मूल निवासी दिग्विजय कई वर्षों से परिवार के साथ शहर के राधानगर थाना क्षेत्र स्थित सुंदरमती इंटर कॉलेज पूर्वी नई बस्ती में रह रहा था।

अटेंडेंट के पद पर कार्यरत था
वर्ष 2013 में उसकी शादी कीर्तिखेड़ा निवासी वंदना से हुई थी। दोनों का 10 वर्षीय बेटा ज्ञान सिंह है। दिग्विजय के छोटे भाई का नाम अभिमर्दन सिंह है। चाचा जयप्रकाश सिंह ने बताया कि दिग्विजय रेलवे में निजी एजेंसी के माध्यम से अटेंडेंट के पद पर कार्यरत था। वह प्रयागराज के सूबेदारगंज से मथुरा जाने वाली ट्रेन में ड्यूटी के लिए शनिवार सुबह घर से निकला था।

सोशल मीडिया से हुई दोस्ती
शिवांगी और दिग्विजय की दोस्ती सोशल मीडिया के माध्यम से हुई थी। इसके बाद उनकी नजदीकियां बढ़ती गई। दोनों के जिलों की दूरी भी अधिक न थी। देखते ही देखते दोनों का प्यार इस कदर परवान चढ़ गया कि वे अपने प्यार के लिए बच्चों का परिवार भी छोड़ने को तैयार हो गए।

सहमति संबंध रखना चाहते थे दोनों
उनके प्यार की जानकारी दोनों परिवार को भी थी और वे इस रिश्ते के खिलाफ थे। शायद यही वजह थी कि दोनों ने साथ मरने का फैसला किया और एक साथ जहर खाकर जान दे दी परिवार के करीबियों की मानें तो दोनों सहमति संबंध (लिव इन) रखने का प्रयास कर रहे थे।

ये था पूरा मामला
कानपुर में घंटाघर स्थित सूर्या होटल के कमरा नं 106 में शनिवार को उन्नाव की महिला और फतेहपुर के युवक ने जहर खा लिया। युवती की चीखें सुनकर होटलकर्मी जब कमरे में पहुंचे तो दोनों बेड पर मरणासन्न पड़े थे। पुलिस ने दोनों को उर्सला अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित किया। दोनों प्रेमी युगल शादीशुदा थे।

चीखते हुए कहा कि कोई पानी तो पिला दे
पुलिस ने बताया कि फतेहपुर के राधानगर निवासी दिग्विजय ( 35 ) और उन्नाव के मगरवारा निवासी शिवांगी (33) ने शनिवार दोपहर 12:30 बजे होटल सूर्या में चेक इन किया था। दोनों कमरा न. 106 में ठहरे थे। होटल कर्मियों ने बताया कि शाम चार बजे कमरे से शिवांगी ने चीखते हुए कहा कि कोई पानी तो पिला दे।
विज्ञापन

मरने के इरादे से ही आए थे कानपुर
होटल कर्मी जब कमरे के बाहर पहुंचे तो दरवाजा आधा खुला था। अंदर दोनों बेड पर बेसुध पड़े थे। पुलिस होटल के सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की जांच कर रही है। जांच में पुलिस कमरे में सल्फास की खाली पुड़िया भी मिली है। आशंका है कि दोनों मरने के इरादे से ही कानपुर आए थे। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें