कानपुर में कोरोना के चलते बीते दो साल से होजरी उद्योग बेहद कठिन दौर से गुजरा है। कृषि के बाद यह उद्योग ही सबसे ज्यादा लोगों को रोजगार उपलब्ध कराता है। सरकार होजरी उत्पादों पर अब जीएसटी की दर पांच फीसदी से बढ़ाकर 12 फीसदी करने जा रही है। ऐसा होने से होजरी उद्योग पर बड़ा संकट आ जाएगा। तमाम इकाइयां बंद हो सकती हैं।
इससे एक जिला एक उत्पाद में शामिल होजरी कारोबार को तगड़ा झटका लगेगा। ये बातें नार्दन इंडिया होजरी मैन्यूफैक्चर्स एसोसिएशन के संरक्षक बलराम नरूला ने कहीं। आर्यनगर स्थित क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि कच्चा माल जैसे रसायन, धागा के दाम दोगुना तक बढ़ चुके हैं। भाड़ा महंगा है।
ऐसे में उत्पाद बड़े ब्रांडों से प्रतिस्पर्धा नहीं कर पाएंगे जिसका लाभ बड़े ब्रांडों को होगा। उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए कि राशन की दुकानों में जिस तरह गेहूं, चावल, तेल दे रहे हैं, वैसे ही होजरी उत्पाद भी दें। एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज बंका ने कहा कि जो धागा पहले 180 रुपये किलो था, अब उसके भाव 335 रुपये किलो हो गए हैं। केमिकल के दाम दो सौ रुपये किलो से बढ़कर चार सौ रुपये किलो हो गए हैं। जीएसटी बढ़ने से उत्पाद महंगे हो जाएगा।
कानपुर में होजरी उद्योग से 50 हजार से ज्यादा लोग जुड़े हैं। पूरे प्रदेश में इनकी संख्या 10 लाख से ज्यादा है। शहर में छोटी-बड़ी एक हजार इकाइयां हैं। सरकार ने प्रस्तावित जीएसटी वापस नहीं लिया तो अनिश्चितकाल के लिए उद्योगों को बंद कर दिया जाएगा। 20 को होने वाली सांकेतिक बंदी में भी हम सब शामिल होंगे। वार्ता के दौरान जनरल सेक्रेटरी प्रमोद सुराना, दिलीप, प्रवीण शर्मा, अजय गुप्ता, राम प्रताप आदि मौजूद थे।