कानपुर के बिल्हौर इंटर कॉलेज में हिजाब पर विवाद बढ़ गया है। अब 23 छात्राएं बुर्का-हिजाब पहनकर कॉलेज पहुंचीं हैं। समझाने एक छात्रा नहीं मानी। बाकी छात्राएं स्कूल ड्रेस में आने के लिए राजी हो गईं।
कानपुर के बिल्हौर कस्बे के बिल्हौर इंटर कॉलेज में रोक के बाद भी छात्राएं हिजाब पहनकर आ रहीं। सोमवार को एक छात्रा बुर्का व 22 छात्राएं हिजाब पहनकर पहुंची। इस पर प्रबंधक और प्रधानाचार्य बंद कमरे में बैठाकर सभी को समझाया। बुर्का पहनकर आने वाली छात्रा इस पर सहमत नहीं हुई।
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उसका कहना है कि उनके अभिभावकों ने बुर्का पहनकर ही कॉलेज जाने को कहा है। हिजाब पहनकर आने वाली छात्राएं मान गई हैं। प्रबंधन ने इसकी जानकारी एसडीएम बिल्हौर को दी है। मालूम हो कि इसके पहले भी हिजाब पहनकर आने पर कई छात्राओं को रोका गया था।
बिल्हौर इंटर कॉलेज के प्रबंधक प्रभाकर श्रीवास्तव ने बताया कि हिजाब विवाद की सूचना मिलने पर वह प्रयागराज से सोमवार को कॉलेज पहुंचे। उन्होंने कई कक्षाओं को निरीक्षण किया। एक कक्षा में एक छात्रा बुर्का पहने मिली, जबकि 22 छात्राएं हिजाब पहने मिली।
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अनुशासन तोड़ने वाली सभी छात्राओं को एक कमरे में बुलाकर एक शिक्षिका, कार्यवाहक प्रधानाचार्य सुरजीत यादव, पूर्व प्रधानाचार्य आईपी सिंह, शिक्षक शरीफ खान ने सभी को ड्रेस में ही आने के लिए प्रेरित किया। बुर्का पहनकर आने वाली छात्रा नहीं मानी।
बाकी छात्राओं ने हिजाब पहनकर न आने पर सहमति जताई। मामले की जानकारी एसडीएम बिल्हौर को दे दी गई हैं। उधर, एसडीएम बिल्हौर रश्मि लांबा ने बताया कि उच्चाधिकारियों की ओर से उन्हें मामले की जांच सौंपी गई है।
वह कॉलेज की निरीक्षण कर हिजाब और बुर्का पहनकर आने वाली छात्राओं से बातचीत कर अधिकारियों को रिपोर्ट भेजेंगी। उधर, प्रबंधक ने बताया कि कुछ छात्राओं ने फीस की पर्ची न मिलने की शिकायत एसडीएम बिल्हौर से की है। उन्हें मंगलवार को फीस की पर्ची उपलब्ध करा दी जाएगी।
पांच अगस्त से शुरू हुआ विवाद, अभी तक नहीं थमा
बिल्हौर कस्बे बिल्हौर इंटर कॉलेज में ड्रेस कोड का अनुशासन तोड़ते हुए हिजाब पहनकर आने का विवाद पांच अगस्त से शुरू हुआ है। सात अगस्त को चार छात्राओं को हिजाब पहनकर आने पर रोका गया। इसके बाद अगले दिन आठ अगस्त को 15 से ज्यादा छात्राओं हिजाब पहनकर पहुंची।
इस पर प्रबंधन ने कॉलेज गेट पर चेहरा खुलवाने के बाद सभी को प्रवेश दिया गया। कार्यवाहक प्रधानाचार्य सुरजीत यादव के लगातार समझाने पर भी मामला शांत नहीं हो रहा। इस बीच एक वरिष्ठ शिक्षक नूर इदरीशी और शरीफ खां ने भी छात्राओं को ड्रेस में आने के लिए प्रेरित किया।
इस पर कुछ छात्राओं ने लिखकर भी दिया कि वह अनुशासन में कालेज आएंगी। एसीपी बिल्हौर अजय त्रिवेदी व इंस्पेक्टर केशव तिवारी ने भी आठ अगस्त को कॉलेज पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया था।
वहीं, सोमवार को प्रबंधक प्रभाकर श्रीवास्तव कॉलेज पहुंचे तो कई कक्षाओं में हिजाब व बुर्का पहने छात्राओं को देख शिक्षकों से गहरी नाराजगी जताई। इसके बाद छात्राओं को स्टाफ रूम में बुलाकर समझाया गया।