मम्मी, भइया... पापा का ध्यान रखना सुसाइड नोट में लिखकर 10वीं के छात्र ने फंदा लगाकर जान दे दी। शनिवार की रात छात्र की मां से फोन पर बात हुई थी। रविवार दोपहर कमरे का दरवाजा न खुलने पर अन्य छात्रों ने संचालक को जानकारी दी। सूचना पाकर पहुंची पुलिस और फॉरेंसिक टीम को जांच के दाैरान उसके कमरे से सुसाइड नोट मिला है। छात्र ने जान देने से पहले इंस्टाग्राम आईडी में स्टेटस भी लगाया था। घटना रावतपुर थानाक्षेत्र के हितकारीनगर हॉस्टल की है।
कानपुर देहात के पुखरायां के इंदिरानगर मोहल्ला निवासी व्यापारी करण सिंह का बेटा सृजन पाल (19) हाईस्कूल का छात्र था। परिजनों के अनुसार छात्र चार महीने से हितकारीनगर स्थित अतिन कटियार के हॉस्टल में किराये पर रह रहा था। बताया कि शनिवार की देर शाम मां ऊषा से फोन पर बातचीत हुई थी। तब उसने किसी प्रकार की कोई बात नहीं बताई। रविवार दोपहर तक जब सृजन कमरे से बाहर नहीं आया तो अन्य छात्रों ने सृजन को कॉल की और कमरे का दरवाजा खटखटाया लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। इस पर छात्रों ने हॉस्टल संचालक को सूचना दी गई। उनकी जानकारी पर पहुंची पुलिस और फाॅरेंसिक टीम ने दरवाजा तुड़वाया तो सृजन का शव चादर क सहारे पंखे से लटका मिला।
जांच के दाैरान पुलिस को कमरे से सुसाइड नोट मिला है जिसमें लिखा है कि मैं अपने मन से आत्महत्या कर रहा हूं...। मम्मी, भइया...पापा का ध्यान रखना। घटना के बाद बड़े भाई हर्षित, शादीशुदा बहन प्रिंसी व मां ऊषा बेहाल हैं। परिजनों का कहना है कि उसे शायरी का काफी शौक था। काफी खुशमिजाज था लेकिन इतना बड़ा कदम क्यों उठाया यह समझ से परे है। रावतपुर थाना प्रभारी केके मिश्रा ने बताया कि मौके से सुसाइड नोट मिला है। परिजन घटना के पीछे का कारण नहीं बता सके हैं।