पवित्र सावन माह के तीसरे सोमवार और नागपंचमी के दुर्लभ संयोग पर कानपुर के ऐतिहासिक जाजमऊ स्थित द्वितीय काशी 'सिद्धनाथ मंदिर' में आस्था का विराट सैलाब उमड़ पड़ा। भोर पहर से ही बाबा के दर्शन और जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़नी शुरू हो गई थी।
ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से चप्पे-चप्पे पर नजर
मंदिर परिसर और आसपास उमड़ने वाली अपार भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए पुलिस ने ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी कैमरों की मदद से चप्पे-चप्पे पर कड़ी निगरानी रखी। हालांकि, सुरक्षा कारणों और जलस्तर को ध्यान में रखते हुए गंगा स्नान पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है, जिसके चलते श्रद्धालुओं ने घाट की बजाय सीधे मंदिरों में दर्शन-पूजन को प्राथमिकता दी।
शहर के अन्य प्रमुख शिवालयों में भी गूंजे शिव मंत्र
सिर्फ सिद्धनाथ मंदिर ही नहीं, बल्कि कानपुर के अन्य प्रमुख शिवालयों में भी सावन के तीसरे सोमवार और नागपंचमी पर गजब का उत्साह देखने को मिला।
सूरजेश्वर धाम (कैंट): कैंट स्थित सूरजेश्वर धाम में सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा।
प्रमुख घाट व मंदिर: मैस्कर घाट, कोयलेश्वर महादेव और डपकेश्वर महादेव मंदिरों में भी बड़ी संख्या में शिवभक्त पहुंचे। कुछ घाटों और मंदिरों के आसपास श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से आस्था की डुबकी लगाने के साथ देवाधिदेव महादेव का जलाभिषेक कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।