शरीर में खून की कमी जैसे लक्षण, थकान, कमजोरी, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, चक्कर आदि दरअसल बीमारी है ही नहीं। शरीर में विटामिन डी, बी-12, बी-6, मिनरल्स की कमी से ये लक्षण उभरते हैं। अगर घर में सादा और पौष्टिक भोजन किया जाए तो ये दिक्कत होगी ही नहीं, लेकिन लोग घर में पौष्टिक भोजन करने के बजाय विटामिन, मिनरल्स की कमी दवाएं खाकर दूर कर रहे हैं।
हैलट की ओपीडी में आने वाले 1800 रोगियों की पैथोलॉजिकल रिपोर्ट से यह तथ्य उजागर हुआ है। मेडिसिन विभाग के विशेषज्ञों ने इन रिपोर्ट का अध्ययन करके आम रोगियों के लिए गाइडलाइन तैयार की है। इसी आधार पर रोगियों सुझाव दिए जा रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ओपीडी में आने वाले 20 फीसदी रोगी ऐसे होते हैं जो शरीर की जरूरत के लिहाज से घर में खाना लें तो ये दिक्कत ही नहीं होगी। इन रोगियों ने जब पौष्टिक भोजन लेना शुरू किया तो स्वस्थ हो गए।
864 रोगियों में विटामिन डी-3 की कमी मिली
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन के विभागाध्यक्ष एवं प्रोफेसर डॉ. बीपी प्रियदर्शी ने बताया कि लोगों की जांच कराई गई तो विटामिन डी-3, बी-12, बी-6 की कमी निकली। जो लोग शराब के लती रहे हैं, उनमें बी-1 की कमी मिली है। विशेषज्ञों ने बताया कि 864 रोगियों में विटामिन डी-3 की कमी पाई गई। 270 रोगियों में बी-6 और 360 रोगियों में बी-12 की कमी मिली। इसके अलावा मिनरल्स आदि की कमी मिली है।
बी-1 की कमी से न्यूरो रोगों के लक्षण आने लगते हैं
डॉ. प्रियदर्शी ने बताया कि विटामिन बी-6 और 12 की कमी से मुख्य रूप से एनीमिया के लक्षण आते हैं। विटामिन डी की कमी से थकान, कमजोरी, शरीर में ऐंठन आदि के लक्षण आते हैं। बी-1 की कमी से न्यूरो रोगों के लक्षण आने लगते हैं। शरीर में सुस्ती, मस्तिष्क में चौंकन्नापन नहीं रहता। रोगी जब पौष्टिक आहार करता है विटामिन व मिनरल्स की कमी दूर होती है, तो लक्षण गायब हो जाते हैं।
इन बातों का रखें ध्यान
- मौसमी हरी सब्जियों का सेवन करें।
- एक मौसमी फल जरूर लें।
- चुकंदर, खीरा आदि का सलाद बनाकर लें।
- मांसाहार लेने वाले एक अंडा, मांस का सेवन करें।
- पानी खूब पीएं, सुबह उठकर पहले एक गिलास ताजा पानी लें।
- दालों का सेवन अवश्य करें।
- जंक फूड, कोल्ड ड्रिंक आदि से बचें।
विटामिन डी-3 की कमी से हड्डियां भी कमजोर
अस्थि रोग विभाग के वरिष्ठ अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. फहीम अंसारी ने बताया कि ओपीडी और आईपीडी में आने वाले 90 फीसदी रोगियों को विटामिन डी-3 की कमी रहती है। इसकी कमी से बेहोशी, चक्कर आदि तो आता है, हड्डियां भी कमजोर हो जाती हैं। मांसपेशियां पर इसका दुष्प्रभाव आता है। इसे धूप लेकर और खाने से पूरा किया जा सकता है। रोगियों को सप्लीमेंट देना पड़ता है।