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कानपुर: हैलट के जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल जारी, इंटर्न और सीनियर रेजीडेंट संभाल रहे रोगियों को

Mon, 29 Nov 2021 01:17 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

डॉक्टरों का कहना है कि जब तक काउंसलिंग संबंधी मांग पूरी नहीं होती, हड़ताल जारी रहेगी। कुछ जूनियर डॉक्टर धरना स्थल पर रोगियों का काम करते रहे।
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हड़ताल पर बैठे डॉक्टर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नीटी पीजी-2021 की काउंसलिंग न होने से आक्रोशित जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल अभी जारी रहेगी। जूनियर डॉक्टरों के देश व्यापी आंदोलन के समर्थन में जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टर दूसरे दिन भी हड़ताल पर रहे।
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रविवार को जूनियर डॉक्टर हैलट इमरजेंसी के बाहर धरने पर बैठे और शाम को मेडिकल कॉलेज कैंपस में अमर शहीद गणेश शंकर विद्यार्थी की प्रतिमा स्थल से कैंडल मार्च निकाला। डॉक्टरों का कहना है कि जब तक काउंसलिंग संबंधी मांग पूरी नहीं होती, हड़ताल जारी रहेगी। कुछ जूनियर डॉक्टर धरना स्थल पर रोगियों का काम करते रहे।

इक्का-दुक्का रोगियों का जूनियर डॉक्टरों ने इमरजेंसी में स्वास्थ्य परीक्षण भी किया और दवा लिखी। जूनियर डॉक्टरों ने बताया कि दिल्ली की जूनियर डॉक्टरों की एसोसिएशन ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से इस संबंध में बात की है कि नीट पीजी की काउंसलिंग जल्दी करवाएं। बुधवार को काउंसलिंग की बात कही गई लेकिन अभी कोर्ट में हियरिंग की तिथि नहीं बदली। इससे निर्णय लिया गया है कि जब तक काउंसलिंग नहीं हो जाती, आंदोलन जारी रहेगा।
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उनका कहना था कि नया बैच न आने से नीटी पीजी पास करने वाले छात्रों का एक साल का नुकसान हुआ है, वहीं मेडिकल कालेजों में जेआर-1 पर भार बढ़ गया है। जीएसवीएम मेडिकल कालेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला का कहना है कि किसी रोगी को दिक्कत नहीं होगी। इंटर्न, नॉन पीजी जेआर, सीनियर रेजीडेंट और कंसल्टेंट व्यवस्था देख रहे हैं।

जेआर ने कहा सिर्फ ओपीडी, इलेक्टिव ओटी नहीं देखेंगे
नीटी पीजी काउंसलिंग को लेकर कोई हड़कंप न मचे, इसको लेकर हड़ताली जूनियर डॉक्टरों ने स्पष्ट किया है कि वे सिर्फ ओपीडी और इलेक्टिव ओटी में ही काम नहीं करेंगे। ओपीडी में उनके सीनियर व्यवस्था संभाल रहे हैं। इमरजेंसी, आईसीयू और वार्डों की व्यवस्था वे हड़ताल के बाद भी देख रहे हैं। उनका मकसद समस्या का समाधान करना है, किसी रोगी को तकलीफ पहुंचाना नहीं है। वे इमरजेंसी और वार्डों में सेवाएं दे रहे हैं। सिर्फ ऐसे ऑपरेशन, जिनमें इमरजेंसी नहीं है, उसी में सहयोग नहीं कर रहे। 
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