कानपुर हैलट प्रशासन को अस्पताल में मौजूद वेंटिलेटर की संख्या तक पता नहीं है। ये हालात तब है जब दो दिन पहले दौरे पर आए सीएम योगी ने शिकायत मिलने के मामले में मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को फटकार लगाई थी।
कानपुर हैलट में वेंटिलेटर की संख्या अलग-अलग भेजने पर शासन ने जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज प्रबंधन से जवाब-तलब किया है। पहली बार 179 और दोबारा मांगने पर 151 वेंटिलेटर की रिपोर्ट शासन को भेजी गई। शासन ने सही वेंटिलेटर की संख्या भी मांगी है।
विज्ञापन
मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने 9 मई को शासन को भेजे पत्र में 179 वेंटिलेटर बताए थे। इसके बाद 14 मई को भेजे गए डिटेल में 151 वेंटिलेटर बताए गए। इसके अलावा पोर्टल पर जो ब्योरा है उसमें वेंटिलेटर की संख्या 86 और एचएफएनसी की संख्या 50 बताई गई है।
151 वेंटिलेटर में 20 खराब बताए गए थे जो बाद में ठीक करा लिए गए। सूत्रों का कहना है कि वेंटिलटेर की संख्या कंपनी के नाम के हिसाब से बताई जाती है, जिससे डाटा में गड़बड़ी हो जाती है। इसके अलावा 28 वेंटिलेटर एग्वा कंपनी के हैं जो प्रधानमंत्री योजना के तहत आए थे।
विज्ञापन
खराब होने की वजह से इन्हें गिनती में शामिल नहीं किया जाता। नौ मई को भेजे ब्योरा में इन्हें भी शामिल कर लिया गया। प्राचार्य डॉ. आरबी कमल का कहना है कि उनके सभी वेंटिलेटर काम कर रहेे हैं जो खराब थे उन्हें बनवा दिया गया है। इनकी संख्या 151 है।