कानपुर के रावतपुर में रहने वाली बीबीए छात्रा ने अरबी पढ़ाने वाले हाफिज और एक महिला पर धर्मांतरण का दबाव बनाने का आरोप लगाया है। छात्रा का दावा है कि महिला ने उसे बुर्का पहनाकर फोटो खींची। बाद में हाफिज ने उसे बुर्का पहनकर आने, मस्जिद में रहने और नमाज पढ़ने का दबाव बनाया।
धर्मांतरण से इन्कार करने पर पीटा। फोटो-वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी। धमकियों और रास्ते में परेशान किए जाने से डरकर छात्रा ने पढ़ाई छोड़ दी। पीड़िता ने रावतपुर थाने में तहरीर दी है।
छात्रा ने पुलिस को बताया कि वह बचपन से नानी के घर में रह रही है। नानी के घर के पास एक मुस्लिम महिला का परिवार रहता है। वह बचपन से उन्हें मामी कहती थी। करीब दो साल पहले महिला के बच्चों को अरबी पढ़ाने के लिए एक हाफिज घर आता था। आरोप है कि महिला ने उनकी हाफिज से पहचान कराई।
एक दिन महिला ने उसे अपने घर में बुर्का पहनाया और उनकी फोटो खींच ली। छात्रा के अनुसार उस समय उसे अंदाजा नहीं था कि इसी फोटो का इस्तेमाल बाद में उसे धमकाने के लिए किया जाएगा। एक दिन महिला उसे चाय पिलाने बाहर ले गई।
वहां हाफिज भी पहुंचा। उसने उन्हें बुर्का पहनकर आने और मस्जिद में रहने के लिए कहा। नमाज पढ़ने के साथ इस्लाम कबूल करने का दबाव भी बनाया। रावतपुर इंस्पेक्टर कमलेश राय ने बताया कि गंभीर मामला है। जांच कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अंजाम भुगतने की दी धमकी
छात्रा ने दो सितंबर को रावतपुर थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। आरोप है कि पुलिस ने शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया। छात्रा का यह भी आरोप है कि थाने में शिकायत के दौरान आरोपी पक्ष के कुछ लोग बाहर पहुंच गए।
उसे अंजाम भुगतने की धमकी दी। पीड़िता के पिता निजी सुरक्षा गार्ड हैं। उनका कहना है कि बेटी के साथ हुई घटना और लगातार मिल रही धमकियों से पूरा परिवार दहशत में है। परिवार ने पुलिस से निष्पक्ष जांच, आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।