नजीराबाद और रायपुरवा थानाक्षेत्र में फर्जी कंपनी के नाम पर जीएसटी पंजीकरण कराकर करोड़ों रुपये का लेनदेन कर टैक्स चोरी करने के मामले में राज्य कर विभाग ने दो कारोबारियों पर रिपोर्ट दर्ज कराई है। नजीराबाद थाने में राज्यकर अधिकारी पंकज रावत ने दर्ज रिपोर्ट में बताया कि मेसर्स पीके ट्रेडर्स के स्वामी मुरादाबाद के पाकबाड़ा गुरैठा निवासी पुष्पेंद्र सिंह ने 27 मई 2025 को दर्शनपुरवा स्थित पते पर जीएसटी पंजीकरण कराया था।
उनके अनुसार बीते वर्ष 20 नवंबर को जांच के दौरान सामने आया कि कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर जीएसटी पंजीकरण कराया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में इनकी फर्म ने 20 नवंबर तक 16.44 करोड़ रुपये की बिक्री दिखाई। इससे सरकार को 3.54 करोड़ रुपये की राजस्व की क्षति हुई है। नजीराबाद इंस्पेक्टर राजकेसर ने बताया कि तहरीर पर पुष्पेंद्र सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।
इसी प्रकार रायपुरवा में सहायक आयुक्त राज्य कर डॉ. सुनील कुमार ने दर्ज रिपोर्ट में बताया कि मेसर्स श्री बालाजी इंटरप्राइजेज के स्वामी चंडीगढ़ के ननगल रूपनगर निवासी जयपाल सिंह ने फर्जी पते देवनगर पर जीएसटी पंजीकरण कराया। मामले की जांच की गई तो मौके पर कोई कंपनी नहीं मौजूद थी। अधिकारी के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2022-23 में कंपनी ने 13.67 करोड़ रुपये की बिक्री दिखाई। इससे भी राजस्व को काफी नुकसान हुआ है। इसकी जांच की जा रही है। रायपुरवा इंस्पेक्टर विजय कुमार सरोज ने बताया कि भारतीय दंड संहिता 1860 एवं उत्तर प्रदेश, केंद्रीय माल एवं सेवा कर अधिनियम 2017 की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है।