जांच में पता चला कि पान मसाला फर्म एक नकली फर्म एमके इंटरप्राइजेज के माध्यम से माल की आपूर्ति करने में लगी है। पान मसाला और तंबाकू के निर्माण और पैकिंग के बाद निर्माता एमजे फ्लेवर की ओर से कोई टैक्स चालान भी जारी नहीं किया जा रहा था।
बिना ई-वे बिल के माल को फैक्ट्री से एमके एंटरप्राइजेज के टैक्स चालान से हटा दिया जाता था। फर्जी फर्म एमके इंटरप्राइजेज के टैक्स इनवॉइस एमजे एंटरप्राइजेज के ऑपरेटरों और भागीदारों द्वारा सिस्टम से जारी किए जा रहे थे। छापे के दौरान जब्त किए गए दस्तावेज, कंप्यूटर और मोबाइल डाटा से यह खुलासा हुआ।
संयुक्त आयुक्त सुशील कुमार सिंह ने बताया कि अघोषित गोदामों और नकली ट्रेडिंग फर्म के परिसर से 1.5 करोड़ रुपये का तैयार और कच्चा माल जब्त किया गया। एक करोड़ तीन लाख रुपये टैक्स और पेनाल्टी लगाई गई है। आगे की जांच चल रही है। वहीं जांच टीम में उपायुक्त चंद्रशेखर, शुभी तिवारी, वामदेव त्रिपाठी, विजय पाल सिंह, सहायक आयुक्त जितेंद्र सिंह, कुमार अमित, प्रदीप सिंह आदि थे।
ग्रामीण इलाकों में थी खपत
राजधानी ब्रांड के पान मसाले की खपत कानपुर में नहीं की जाती थी। तैयार माल को सीतापुर, बाराबंकी, ललितपुर और कानपुर सटे ग्रामीण इलाकों में बेचा जाता था।