कम रोशनी की शिकायत भी होगी दूर
यदि सब कुछ समय पर रहा, तो मई से निर्माण कार्य प्रारंभ हो जाएगा। जीर्णोद्धार की योजना इस प्रकार बनाई गई है कि निर्धारित मैचों के आयोजन पर कोई असर न पड़े। नई योजना में स्टेडियम में आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम भी लगाया जाएगा। अभी तक बेहतर ड्रेनेज व्यवस्था नहीं होने के कारण हल्की बारिश भी मैच में व्यवधान डाल देती थी, लेकिन नई प्रणाली लागू होने के बाद बारिश रुकने के 15 मिनट के भीतर खेल दोबारा शुरू कराया जा सकेगा। फ्लड लाइट व्यवस्था को भी सुदृढ़ किया जाएगा, जिससे कम रोशनी की शिकायत दूर होगी।
सूरज की रोशनी से खिलाड़ियों को होती थी परेशानी
खेल के नियमों के अनुसार पिच का निर्माण उत्तर–दक्षिण दिशा में होना चाहिए, ताकि खिलाड़ियों को सूरज की रोशनी से परेशानी न हो। पहले कई मैचों में पूर्व–पश्चिम दिशा की पिचों के कारण खिलाड़ी प्रभावित होते रहे हैं। इसके अलावा देश के अन्य सभी स्टेडियम में उत्तर–दक्षिण दिशा की पिच ही बनाई गई हैं।
बजट अप्रैल में जारी कर दिया जाएगा। इससे पहले टेंडर के माध्यम से होने वाले कार्यों को तय किया जाएगा। इसमें मैदान, पवेलियन, लाइट समेत सभी कार्य शामिल हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात ग्रीनपार्क में अभी तक जो भी पिच बनी थी, वह पूर्व से पश्चिम दिशा में थी। इससे खिलाडि़यों को मैच के दौरान दिक्कत होती थी। इसी को देखते हुए सभी नौ पिचों को उत्तर से दक्षिण दिशा में बनाने का प्रस्ताव बनाया है। इससे भविष्य में बेहतर मैच का आयोजन किया जाएगा। -डॉ. संजय कपूर, चेयरमैन यूपी टी-20 लीग