कानपुर से लापता इंजीनियरिंग छात्र धीरज सिंह के दादा की सदमे से मौत हो गई। पोते का कोई सुराग न लगने से वे बहुत परेशान थे। शनिवार शाम को अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी और दम तोड़ दिया। करीब दो सप्ताह बाद भी छात्र का कोई सुराग नहीं लगा है।
मोबाइल बंद होने से सर्विलांस टीम भी कुछ मदद नहीं कर पा रही है। फतेहपुर के किशनपुर थाना क्षेत्र के सरौली गांव निवासी श्याम बाबू का बेटा धीरज सिंह कानपुर में हरकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एचबीटीयू) में बीटेक द्वितीय वर्ष का छात्र है।
आठ फरवरी को वह खागा फतेहपुर में रहने वाले अपने भाई के घर से एचबीटीयू के हॉस्टल आया था। कुछ मिनट रुकने के बाद बैग उठाकर चला गया था। इसके बाद से उसका कुछ पता नहीं। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज की है लेकिन उसके बारे में जानकारी नहीं जुटा सकी है।
श्याम बाबू ने बताया कि धीरज के गायब होने के बाद से उनके पिता राम रतन (85) सदमे में थे। न किसी से कुछ बोलते थे और न ही सही से खा-पी रहे थे। शनिवार को घर में बैठे थे। अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी और मौत हो गई। श्याम बाबू का कहना है कि पुलिस मामले में लापरवाही बरत रही है।