जब पिछले साल टीवी पर राजपथ की परेड देख रही थी तो इस बात का बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि अगली बार मैं भी इसमें भाग लूंगी। आखिर मैं यहां तक पहुंच ही गई। मैं और मेरे घरवाले इससे बेहद खुश हैं। यह कहना है बीएनडी कॉलेज में बीएससी द्वितीय वर्ष की छात्रा निशा कुशवाहा का। वह इस वर्ष दिल्ली में गणतंत्र दिवस के मौके पर राजपथ पर होने वाली परेड में कानपुर का प्रतिनिधित्व करेंगी। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय और उससे संबद्ध नौ जिलों के कॉलेजों में सिर्फ निशा का चयन ही इस परेड के लिए हुआ है। यह बड़ी उपलब्धि है।
जब उजाला हुआ तो खुद पर गर्व होने लगा
काकोरी कैंट निवासी निशा कुशवाहा बताती है कि एक जनवरी से परेड का रिहर्सल चल रहा है। 20 जनवरी को पहली बार राजपथ पर रिहर्सल शुरू हुई थी। सुबह 4:30 बजे से प्रैक्टिस शुरू हुई तो अंधेरे में कुछ समझ नहीं आया। जब उजाला हुआ तो खुद पर बेहद गर्व हुआ और खुद को यकीन दिलाया कि यह वही राजपथ है जिसको टीवी पर देखती थी। पिता इंद्र कुमार कुशवाहा और मां मीनू सिंह कुशवाहा बेटी की इस उपलब्धि पर बेहद खुश हैं। दो बेटी और एक बेटे में दूसरे नंबर की बेटी निशा राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) की वालंटियर है।
26 जनवरी को परेड के लिए देशभर में एनएसएस वालंटियर्स का चयन किया गया था। चयनित छात्र-छात्राओं ने पहले रांची प्री परेड में हिस्सा लिया। इस आधार पर 200 छात्र- छात्राओं का चयन दिल्ली के लिए हुआ। ये सभी छात्र-छात्राएं राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के सामने परेड करेंगे। निशा बताती हैं कि जब वह कानपुर से रांची गई थी तो उनको बिल्कुल भी नहीं पता था कि अगर रांची में वह सफल होती हैं तो उनको राजपथ पर परेड करने का मौका मिलेगा। रांची जाकर जब यह पता चला तो खुशी का ठिकाना नहीं था। राजनीति में रुचि रखने वाली निशा कहतीं हैं कि जब भी उन्हें राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मौका मिला तो वह पॉलिटिक्स के टिप्स जरूर लेंगीं।