घाटमपुर (कानपुर)। शुक्रवार की दोपहर तहसील क्षेत्र में बारिश के साथ बादलों की तेज गरज-चमक के साथ कुछ जगहों पर छोटे-छोटे ओले भी गिरे। किसानों ने बताया कि बारिश से गेहूं की फसल को काफी लाभ पहुंचेगा। जबकि, दलहन-तिलहन की फसलों को आंशिक नुकसान भी होने की आशंका है।
कस्बे के किसानों ने बताया कि जहां ओले गिरे हैं वहां लाही-सरसों और मटर की फसल को आंशिक नुकसान हुआ है। घाटमपुर, रेउना, नवेड़ी, श्रीनगर, भदरस, पतारा, तिलसड़ा, बरनांव, हथेही, परास, नौरंगा और रामसारी इलाके के लोगों ने बताया कि उनके यहां दो-तीन चक्र में रुक-रुककर मध्यम दर्जे की बारिश हुई। बताया कि बारिश से गेहूं की फसल को लाभ पहुंचा है। सजेती प्रतिनिधि के अनुसार इलाके में बारिश के साथ ही कुछ जगहों पर चना-मटर के आकार के ओले गिरने से दलहनी और तिलहनी फसलों के फूल झड़ गए हैं। भीतरगांव प्रतिनिधि के अनुसार बादल छाने से दिन में अंधेरा छा गया। गांवों में लगीं ऑटोमोटिक सिस्टम वाली सौर ऊर्जा की लाइटें अपने आप जल उठीं। भीतरगांव े में बीते चार दिनों के दौरान दूसरी बार फिर ओले गिरे। ग्रामीणों ने बताया कि संयोग से ओले काफी छोटे साइज के गिरे हैं जिससे फसलों को आंशिक नुकसान हुआ है। पतारा प्रतिनिधि के अनुसार, शुक्रवार दोपहर तिलसड़ा गांव में बिजली गिरने से गांव निवासी गंगाराम कुरील की भैंस की मौत हो गई। गंगाराम ने बताया कि भैंस घर के सामने पेड़ के नीचे बंधी थी। बारिश के साथ बिजली गिरी जिसकी चपेट में आ जाने से उसकी दुधारू भैंस की मौत हो गई।