ऑनलाइन भरकर भी जमा किया जा सकता है फॉर्म
सभी के लिए गणना प्रपत्र भरना अनिवार्य है। अगर किसी मतदाता को फॉर्म नहीं मिला है तो वह निर्वाचन आयोग की वेबसाइट से इसे डाउनलोड कर सकता है। फॉर्म ऑनलाइन भरकर भी जमा किया जा सकता है। अभी तक हुए डिजिटाइजेशन से पता चला है कि 3.27 लाख मतदाता गुम हो गए है। 3.85 लाख दूसरी जगह शिफ्ट, 1,02,079 मतदाता मृतक पाए गए हैं।
व्यापक स्तर पर निगरानी और सत्यापन जारी
उप जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. विवेक चतुर्वेदी ने बताया कि अभियान को सफल बनाने के लिए व्यापक स्तर पर निगरानी और सत्यापन जारी है। जो मतदाता फॉर्म नहीं देगा, उसका नाम वोटर लिस्ट में नहीं रहेगा। अभी तक बिल्हौर विधानसभा में 3.20 लाख मतदाताओं के फार्म डिजिटाइज हुए। बिठूर में 3.27 लाख, कल्याणपुर में 2.42 लाख, गोविंदनगर में 2.34 लाख, सीसामऊ में 1.98 लाख, आर्यनगर में दो लाख, किदवईनगर में 2.50 लाख, कैंट में 2.39 लाख, महाराजपुर में 3.34 लाख, घाटमपुर विधानसभा में 2.76 लाख मतदाताओं के गणना प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन हुआ है।
10 विधानसभा क्षेत्रों में लाखों मतदाताओं के नाम गणना प्रपत्र से हटे
सपा का कहना है कि 10 विधानसभा क्षेत्रों में नौ लाख से अधिक मतदाताओं के नाम गणना प्रपत्र से हटे हैं। पार्टी के महानगर अध्यक्ष हाजी फजल महमूद ने मांग की है कि सभी बूथों पर बीएलओ और बीएलए की बैठक बुलाकर भौतिक सर्वे कराया जाए। मतदाताओं के साथ अन्याय होने से बचाया जाए। मंगलवार को सपा महानगर कार्यालय में एसआईआर थिंक समिति की बैठक हुई। वक्ताओं ने कहा कि एसआईआर गणना प्रपत्र फार्म भरने से वंचित रह गए लोगों में एब्सेंट और शिफ्टेड की संख्या ज्यादा है। महानगर अध्यक्ष ने बताया कि बिल्हौर, बिठूर, कल्याणपुर, गोविंदनगर, सीसामऊ, आर्यनगर, किदवईनगर, कैंट, महाराजपुर विधानसभा क्षेत्र के बड़ी संख्या में मतदाताओं के प्रपत्र नहीं भरे गए। थिंक समिति की एसआईआर आकलन रिपोर्ट पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को भेज दी गई है।