कानपुर जनपद के पर्यावरण को बेहतर करने के लिए आयोजित जिला पर्यावरण समिति की बैठक में तय किया गया कि जहां-जहां भी वेटलैंड एरिया (तराई वाले क्षेत्र) हैं, उसकी जियो टैगिंग की जाएगी। साथ ही वहां पर पिलर भी लगाए जाएंगे। इस संबंध में जिला वन अधिकारी को निर्देशित भी किया गया। बैठक शनिवार को सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में आयोजित की गई।
मौके पर राष्ट्रीय हरित अधिकरण के न्यायाधीश डॉ. फिरोज अहमद ने समिति के कार्याें की समीक्षा भी किया। बैठक में नगर आयुक्त को निर्देश दिया गया कि नए और पुराने कचरे का सही तरीके से निस्तारण कराया जाए। इसी तरह मेट्रो निर्माण के दौरान रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के साथ ही कोई कार्य कराए जाने को कहा। इसी तरह विद्यालयों में पौधरोपण के लिए जागरूकता अभियान कराने पर जोर दिया गया।
सीएमओ से कहा गया कि अस्पतालों से निकलने वाले कचरे के निस्तारण की उचित व्यवस्था होनी चाहिए। बैठक में जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह, नगर आयुक्त सुधीर कुमार, उपाध्यक्ष केडीए मदन सिंह गर्ब्याल, के अलावा क्षेत्रीय अधिकारी यूपी पीसीबी, पर्यावरण अभियंता, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, यूपी जलनिगम, परियोजना प्रबंधक समेत कई विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
यह निर्देश भी दिए गए
- शहर में ध्वनि व वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
- जल निगम से कहा गया कि शहर के बाकी बचे नालों को भी जल्द ही टैप किया जाए, जिससे गंगा में गंदा पानी नहीं जा पाए।
- जाजमऊ क्षेत्र के भूगर्भ जल का नमूना लेकर लखनऊ स्थित प्रयोगशाला से टेस्ट कराने को कहा गया।
- नमामि गंगे २० एमएलडी सीईटीपी प्लांट व ३० एमएलडी पनका एसटीपी प्लांट में वृक्षारोपण कराने को कहा गया
- जल निगम के परियोजना प्रबंधक को निर्देश दिया गया कि सीवेज प्रबंधन के लिए सभी एसटीपी का संचालन पूरी क्षमता से किया जाए। अक्सर शिकायत रहती है कि यह पूरी क्षमता से नहीं संचालित होता है।