शुक्लागंज में नगर पालिका गंगाघाट की लापरवाही के कारण गंगा नदी में पांच बड़े नालों का पानी जा रहा है, जिससे गंगा नदी मैली हो रही हैं। सरकार गंगा का स्वच्छ रखने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन पालिका प्रशासन बायोरेमेडिएशन का कार्य कागजों पर करा रहा है। नालों के मुहानों पर बायोरेमेडिएशन के संसाधन सिर्फ देखने के लिए रखे गए हैं।
मिश्रा कॉलोनी, पुरानी बाजार रेल गंगापुल, रविदासनगर, इंदिरानगर और अहमद नगर के नाले गंगा में सीधे गिर रहे है। गंगा में प्रदूषित पानी जाने से स्नान करने वाले श्रद्धालुओं को दिक्कतें होने के साथ ही जलीय जीवों पर भी खतरा मड़राने लगा है। गंगा नदी की मुख्य धारा कानपुर की ओर हो गई है जिससे नगर के 28 वार्डो का लाखों लीटर गंदा पानी रोजाना रेती से होकर नदी में समा रहा है।