श्री रामलला ट्रस्ट के नाम का दुरुपयोग कर जमीन कब्जाने के आरोप में छह अधिवक्ताओं सहित आठ लोगों के खिलाफ रावतपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई है। रिपोर्ट छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय के प्राध्यापक चमनगंज निवासी डॉ. मेराज जाफरी ने दर्ज कराई है। पीड़ित ने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री से करते हुए ध्वस्तीकरण की मांग की थी।
दर्ज रिपोर्ट के अनुसार डॉ. मेराज जाफरी के पिता मरहूम हसन अब्बास ने ग्राम विनायकपुर, तहसील सदर स्थित आराजी संख्या 806 को रजिस्टर्ड बैनामे से खरीदा था। पिता के निधन के बाद वह संपत्ति के स्वामी हैं। हालांकि, शैक्षणिक कार्यों में व्यस्त रहने के कारण वह जमीन देखने नियमित रूप से नहीं जा पाते थे। इसी का फायदा उठाते हुए हवीव, उसकी पत्नी हलीमा और अधिवक्ता बेटे एमए खान, इमरान खान, मो. सलीम, अली अकबर अंसारी, राघवेंद्र पाल और पुनेय प्रताप ने साजिश रची। आरोपियों ने श्री रामलला ट्रस्ट के नाम पर उर्दू में फर्जी व कूटरचित इजाजतनामा तैयार करा लिया।
आरोप है कि उक्त दस्तावेज के आधार पर उनकी जमीन को आराजी संख्या 1103, ग्राम रावतपुर दर्शाकर कब्जा कर लिया गया। इतना ही नहीं मौके पर अधिवक्ता एसोसिएट का बोर्ड लगाकर निर्माण कार्य भी शुरू करा दिया। विरोध करने पर आरोपी मारपीट पर उतारू हो गए। डॉ. जाफरी के अनुसार संबंधित ट्रस्ट एक हिंदू धार्मिक संस्था है और किसी असंबंधित व्यक्ति को संपत्ति के दान या उपयोग की अनुमति नहीं देता। इसके बावजूद आरोपियों ने उनकी जमीन कब्जाने में ट्रस्ट की प्रतिष्ठा का दुरुपयोग कर जाली दस्तावेज तैयार कराए और अवैध निर्माण करा लिया। उन्होंने इस संबंध में मुख्यमंत्री से भी शिकायत की थी। प्राथमिक जांच के बाद पुलिस ने धोखाधड़ी, कूटरचना, फर्जी दस्तावेज तैयार करने, अवैध कब्जा और अवैध निर्माण से जुड़ी धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है। थाना प्रभारी रावतपुर कमलेश राय ने बताया कि प्रस्तुत दस्तावेजों की विधिवत जांच कराई जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।