सभी की फर्जी रजिस्ट्री की गई है
उसके संबंध पहले बसपा के मंत्रियों से थे। इसके चलते उस पर कार्रवाई करने से अधिकारी कतराते थे। उन्होंने बर्रा, जरौली, जरौली फेज-2, अर्रा बिनगवां, नौबस्ता सागरपुरी, नौबस्ता खाड़ेपुर, बूढ़पुर मछरिया, देहली सुजानपुर, दीनदयालपुरम, एलआईजी स्वर्ण जयंती विहार और सुजातगंज की 55 संपत्तियों की सूची केडीए उपाध्यक्ष को सौंप कर बताया कि सभी की फर्जी रजिस्ट्री की गई है।
जांच होगी, तो सब कुछ स्पष्ट हो जाएगा
नीरज चतुर्वेदी के अनुसार, 55 संपत्तियां उनकी जानकारी में हैं, जांच होगी तो अन्य का भी सच सामने आएगा। केडीए के राजस्व को हानि पहुंचाने के अवैध खेल में एजाज के अलावा कुछ अन्य कर्मियों व अधिकारियों की भी संलिप्तता है। पारदर्शी तरीके से जांच होगी, तो सब कुछ स्पष्ट हो जाएगा।
शिकायत के आधार पर तीन ओएसडी की जांच टीम गठित की गई है। शिकायती पत्र में जिन संपत्तियों की फर्जी रजिस्ट्री की आशंका जताई गई है, जांच टीम उनकी सत्यता का पता लगाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। -अभय कुमार पांडेय, सचिव, केडीए