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कानपुर की 'लेडी ठग' गिरफ्तार: करोड़ों का फर्जीवाड़ा करने वाली 25 हजार की इनामी विभा सचान भेजी गई जेल

Sat, 18 Apr 2026 02:39 PM IST
प्रसून शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: फर्जी रजिस्ट्री के जरिए करोड़ों की ठगी करने वाले गिरोह के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। गुजैनी पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रही 25 हजार रुपये की इनामिया महिला विभा सचान को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी महिला - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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पुलिस के अनुसार आरोपी महिला बर्रा आठ की रहने वाली है और उस पर जूही, बर्रा, फीलखाना, काकादेव और गुजैनी थानों में करीब 10 मुकदमे दर्ज हैं। गुजैनी थाना प्रभारी राजन शर्मा ने बताया कि इस मामले में बर्रा तीन स्थित जनता नगर निवासी भाजपा नेता आशीष प्रताप सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार उनके पिता रघुवीर सिंह ने काकादेव निवासी प्रॉपर्टी डीलर अमन सिंह के माध्यम से मेहरबान सिंह का पुरवा में 22 लाख रुपये में एक प्लॉट खरीदा था। बाद में जब प्लॉट को बेचने की कोशिश की गई तो सामने आया कि उसी जमीन की कई बार फर्जी रजिस्ट्रियां कर दी गई थीं।

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अमन सिंह के गिरोह में शामिल विभा सचान और अजय पटेल ने इस फर्जीवाड़े को अंजाम दिया। जब पीड़ित पक्ष ने पैसे वापस मांगे तो आरोपियों ने उन्हें धमकाया। इस घटनाक्रम के चलते सदमे में आकर रघुवीर सिंह की मौत हो गई थी। पुलिस के मुताबिक, यह कोई पहला मामला नहीं था। बीते साल फरवरी में भी कई लोगों—राजीव सचान, जयपाल यादव, सुनील सिंह, योगेश सचान, ओपी यादव, सुधीर यादव, सुदेश चंद्र और प्रशांत मिश्रा—ने विभा सचान, उसके पति बाबू सचान और अजय पटेल समेत अन्य के खिलाफ फर्जी रजिस्ट्री के जरिए ठगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

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जांच के दौरान पुलिस ने गिरोह के अन्य सदस्यों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, लेकिन विभा सचान लगातार फरार चल रही थी। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। थाना प्रभारी के अनुसार, मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने रामगोपाल चौराहा से आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद उसे न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब गिरोह के अन्य संभावित नेटवर्क और ठगी के मामलों की जांच में जुटी है।

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