ट्रेनों की रफ्तार पर कोहरे का ब्रेक
- फोटो : amar ujala
ये ट्रेनें रही लेट
22416 नई दिल्ली-वाराणसी वंदे भारत 14:52 घंटा, 12452 श्रमशक्ति एक्सप्रेस 10:15 घंटे, 14118 कालिंदी एक्सप्रेस 08:15 घंटे, 02563 बरौनी- नई दिल्ली स्पेशल 16 घंटे, 20434 एसएमवीडी कटरा-सूबेदारगंज मेल सात, 07401 मछलीपटतन्म स्पेशल सात, 02569 दरभंगा-नई दिल्ली स्पेशल 06:30 घंटे, 12521 राप्ती सागर 07:30 घंटे, 22435 वाराणसी-नई दिल्ली वंदे भारत ढाई घंटे, 12314 सियालदह राजधानी 05:15 घंटे, 12302 हावड़ा राजधानी पांच, 12878 रांची गरीब रथ चार, 12274 हावड़ा दूरंतो सात, 02570 दरभंगा स्पेशल छह घंटा।
ट्रेनों की रफ्तार पर कोहरे का ब्रेक
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यात्री पोस्ट कर जता रहे गुस्सा
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शुभम विद्यार्थी ने पोस्ट करते हुए लिखा कि नई दिल्ली से दरभंगा जाने वाली ट्रेन नंबर 02570 15 घंटा लेट है। यह सफर कष्टकारी हो गया है। एक अन्य यात्री ने लिखा कि गोड्डा से नई दिल्ली जाने वाली 12349 हमसफर एक्सप्रेस करीब सात घंटा लेट है। ट्रेन लेट होने की वजह से शौचालय गंदा है और खाने-पीने की भी समुचित व्यवस्था नहीं है। इसी तरह, ए बनर्जी ने लिखा कि 12314 सियालदाह राजधानी नई दिल्ली से करीब छह घंटे लेट है। इससे समय बर्बाद हो रहा है।
ट्रेनों की रफ्तार पर कोहरे का ब्रेक
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कोहरे में 75 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से नहीं दौड़ पा रही ट्रेनें
फॉग सेफ डिवाइस के बाद भी कोहरे में ट्रेनें फर्राटा नहीं भर पा रही हैं। करीब तीन साल पहले तक जब यह जीपीएस आधारित सिस्टम नहीं था तब ट्रेनें कोहरे के समय अधिकतम 60 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चालने के निर्देश थे। यह सिस्टम आने के बाद ट्रेनों की गति अधिकतम 75 किमी प्रति घंटा कर दी गई लेकिन इसके बावजूद ट्रेनें लेट हो रही हैं। बता दें कि यह सिस्टम घने कोहरे में लोको पायलट को सुरक्षित रूप से ट्रेन चलाने में मदद करता है, जिससे सिग्नल, लेवल क्रॉसिंग और गति प्रतिबंधों जैसी महत्वपूर्ण जानकारी (डिस्प्ले व ऑडियो के साथ) मिलती है। करीब पांच सौ मीटर पहले ही लोको पायलट को जानकारी मिल जाती है और उसे ट्रेन की गति नियंत्रित करने में मदद मिलती है, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना कम हो जाती है।