फर्जी ई-केवाईसी करके निष्क्रिय खाते को सक्रिय करवाया
इस खाते में कोई भी मोबाइल नंबर दर्ज नहीं है। खाते में 14,60,500 रुपये थे। इस खाते में लंबे समय से लेनदेन न होने के कारण इसे 2022 में निष्क्रिय कर दिया गया। पत्र में बताया गया था कि बैंक में उप प्रबंधक स्तर के अधिकारी ने अन्य अफसरों और कर्मियों के साथ मिलकर फर्जी ई-केवाईसी करके इस निष्क्रिय खाते को 25 मार्च 2025 को सक्रिय करवाया। नॉन होम शाखा विश्व बैंक बर्रा से दो अप्रैल 2025 को खाते से पहली बार में पांच लाख और फिर नौ अप्रैल को 4.60 लाख रुपये निकाले गए।
तीन अफसर और दो क्लर्कों को चार्जशीट दी गई
इससे पहले चार अप्रैल को पांच लाख का भुगतान पीबीबी कानपुर से कराया गया। विश्व बैंक शाखा क्षेत्रीय कार्यालय दो के अधीन नहीं आती है। इसके बाद भी यहां से रुपये निकाल दिए गए। इस मामले में एक उप प्रबंधक को सस्पेंड कर दिया गया था। अब जांच का दायरा और बढ़ गया है। तीन अफसर और दो क्लर्कों को चार्जशीट दी गई है। विजिलेंस जांच और तेज कर दी गई है। पीबीबी शाखा मॉल रोड और बर्रा विश्व बैंक शाखा में सभी स्टाफ के बयान लेने के साथ भुगतान के चेक, जमा वाउचर, केवाईसी दस्तावेजों को जब्त किया जा चुका है। सीसीटीवी फुटेज को भी जांच में शामिल किया गया है।