पांच गोताखोरों की टीम से तलाश कराई
वह भी डूबने लगे। घाट पर मौजूद गोताखोरों व नाविकों ने यह देखकर गंगा में छलांग लगाकर अजीत, विमल व मयंक को बचा लिया। आशीष और जीतू डूब गए। जाजमऊ चौकी प्रभारी विनोद सिंह ने पांच गोताखोरों की टीम से तलाश कराई। करीब 6:30 बजे जीतू और कुछ ही देर में आशीष का शव नदी से निकाला गया। मौके पर पहुंचे मृतक आशीष के पिता संजय ने बताया कि वह व उनका बेटा हलवाई का काम करते थे। जीतू की मां सोमवती ने बताया उनके पांच बेटे है, जिसमें जीतू सबसे छोटा था।
जाजमऊ चंदन घाट पर जांच पड़ताल करती पुलिस
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दो हजार रुपये मिलने पर गोताखोरों ने शुरू की तलाश
शुक्लागंंज। जान गंवाने वाले आशीष के परिजनों का आरोप है कि आशीष का शव तलाश करने में गोताखोर हीलाहवाली कर रहे थे। अंधेरा होने का बहाना बनाने लगे। जब उन्हें दो हजार रुपये देने की बात कही तो सभी गोताखोर एकजुट होकर खोजबीन में लग गए। कुछ ही देर में आशीष का शव निकाल लाए।