कानपुर समेत उत्तर प्रदेश में निवेश का चेहरा बदलता जा रहा है। बैंक एफडी, आरडी से इतर महिलाएं तेजी से शेयर बाजार में निवेश कर रही हैं। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) की मार्केट पल्स अप्रैल 2026 रिपोर्ट में ये खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक कानपुर समेत उत्तर प्रदेश में पंजीकृत निवेशकों में महिलाओं की हिस्सेदारी वित्त वर्ष 2026 में 19.1 प्रतिशत पर पहुंच गई है। वित्त वर्ष 2023 के 16.9 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। यानी कानपुर समेत उत्तर प्रदेश की लगभग हर पांचवीं निवेशक महिला है।
महिलाओं की वित्तीय जागरूकता बढ़ रही है
शेयर बाजार अब सिर्फ पुरुषों का मैदान नहीं रहा। कानपुर समेत उत्तर प्रदेश में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी ने निवेश के परिदृश्य को नई दिशा दी है। हालांकि यह आंकड़ा अभी राष्ट्रीय औसत 24.9 प्रतिशत से कम है लेकिन लगातार बढ़ती भागीदारी इस बात का स्पष्ट संकेत है कि कानपुर समेत प्रदेश में महिलाओं की वित्तीय जागरूकता तेजी से बढ़ रही है। केश्री ब्रोकिंग के सह-संस्थापक राजीव सिंह ने बताया कि ये रिपोर्ट हाल ही में आई है।
2026 में हिस्सेदारी 19.1 प्रतिशत हो गई
वित्तीय वर्ष 2024 में महिलाओं की हिस्सेदारी 17.3 प्रतिशत हो गई थी। 2025 यह प्रतिशत बढ़कर 18.5 हो गया। 2026 में हिस्सेदारी 19.1 प्रतिशत हो गई है। उन्होंने बताया कि लगातार चार वर्षों की वृद्धि दर्शाती है कि महिला निवेशकों का आधार लगातार मजबूत हो रहा है। बड़े शहरों के अलावा देवरिया, जौनपुर, बस्ती, बलिया, गोंडा, मिर्जापुर, गाजीपुर, सीतापुर, उन्नाव, सुल्तानपुर और शाहजहांपुर जैसे जिलों में भी निवेशक आधार तेजी से फैल रहा है।
म्युचूअल फंड में हिस्सेदारी
- 31 मार्च 2026 को कानपुर का औसत एसेट अंडर मैनेजमेंट (एयूएम): 37,346 करोड़ रुपये
- कानपुर में कुल म्यूच्युअल फंड खातों (फोलियो) की संख्या: 12.70 लाख
कानपुर में महिला निवेशकों के म्यूच्युअल फंड खातों (फोलियो) की संख्या वर्ष वार
- 2025-26: 3.30 लाख
- 2024-25: 2.65 लाख
- 2023-24: 1.85 लाख
महिला निवेशकों की बढ़ती भागीदारी के पीछे ये हैं वजह
- शेयर बाजार में औसत रिटर्न 12-20 प्रतिशत।
- बैंक एफडी या अन्य निवेश पर ब्याज दर 5 प्रतिशत से लेकर अधिकतम 7.8 प्रतिशत।
- मोबाइल ट्रेडिंग एप्स की आसान पहुंच, डिजिटल केवाईसी और ऑनलाइन खाता खोलने की सुविधा।
- म्यूचुअल फंड निवेश का बढ़ता चलन, वित्तीय शिक्षा का विस्तार, नौकरीपेशा और उद्यमी महिलाओं की बढ़ती संख्या और डिजिटल बैंकिंग का विस्तार।
कुछ साल पहले तक मेरा निवेश मुख्यतः एफडी व पारंपरिक योजनाओं तक सीमित था। धीरे-धीरे जब शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड के बारे में जानकारी मिली तो मैंने व्यवस्थित तरीके से निवेश शुरू किया। आज मेरे पोर्टफोलियो में शेयर, म्यूचुअल फंड और ईटीएफ शामिल है। डिजिटल माध्यम खासकर मोबाइल एप से निवेश काफी आसान हो गया हैं। -सुमन सक्सेना, निवेशक, बर्रा-छह
करीब तीन साल से शेयर बाजार में निवेश कर रही हूं। मेरा अनुभव बताता है कि अपनी बचत का कुछ हिस्सा शेयर बाजार या म्यूच्युअल फंड/एसआईपी में जरूर निवेश करना चाहिए। शेयर मार्केट एक ऐसा माध्यम है जहां लंबी अवधि में धन-सृजन किया जा सकता है लेकिन निवेश सही जानकारी के आधार पर करनी चाहिए सोशल मीडिया में रील्स देखकर नहीं। -गुरनीत कौर बिंद्रा, एमबीए स्टूडेंट और निवेशक, जनतानगर बर्रा-तीन