गोदाम और ऊपरी मंजिल तक पहुंच चुकी थी आग
शुक्रवार की रात रोज की तरह सभी दुकान बंद कर दूसरी मंजिल में अपने अपने परिवार के खाना खाने के बाद कमरे में सो गए। शनिवार सुबह जब लोगों ने दुकानों से धुंआ उठते देखा, तो शोर मचाया। तब तक आग दुकानों को जलाते हुए पीछे गोदाम और ऊपरी मंजिल तक पहुंच चुकी थी। शोर सुनकर रामकिशन की नींद खुल गई। उन्होंने नीचे आकर आग लगी देखी, तो बेटे को बताने के लिए अंदर की ओर चले गए।
आग की चपेट में आकर रामकिशन की मौत
तभी धुएं की चपेट में आने से बेहोश होकर गिर गए और आग की चपेट में आने से रामकिशन की मौत हो गई। जब आग पर कुछ काबू पाया गया तब उनका झुलसा हुआ शव पड़ा मिला। मौके पर पहुंची पुलिस व अग्निशमन जवानों ने परिवार के अन्य सदस्यों को बाहर निकाला। इनमें मासूम समेत चार लोग झुलस चुके थे। सभी को सीएचसी पहुंचाया गया।
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दमकल की गाड़ियों ने पाया काबू
मौके पर सीएफओ समेत सात अग्निशमन वाहनों को आग पर काबू पाने में पांच घंटे का समय लग गया। इस दौरान दुकानों और गृहस्थी का करोड़ों का माल जलकर राख हो गया। थाना प्रभारी मनोज सिंह भदौरिया ने बताया कि मृतक दुकानदार के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है। हादसे में झुलसे लोगों का अस्पताल में उपचार चल रहा है। घटना की जांच पड़ताल की जा रही है।