वहां पर पट्टाधारक ने आवासीय शटरिंग लगवाई थी। उन्होंने बताया कि चार दिन पहले लेखपाल अशोक पहुंचा और काम रूकवा दिया। जानकारी होने पर प्रधान पहुंचे और विरोध जताया तो दोनों आपस में झगड़ गए। इसके बाद वहां से लेखपाल चला गया। इसकी शिकायत प्रधान ने राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला से की।
इस पर मंत्री ने एसडीएम मैथा ज्ञानेश्वर से लेखपाल को हटाने की बात कही थी, लेकिन एसडीएम ने मंत्री की बात को भी नकार दिया। प्रधान ने बताया कि गांव के चार लोगों का पीएम आवास योजना के तहत रुपये आया था, लेकिन लेखपाल पात्र लोगों से रुपये मांग रहा था। इसके बिना उनका मकान नहीं बनने दे रहा था।
लेखपाल ने सुनियोजित तरीके से की घटना
प्रधान मान सिंह ने बताया कि प्रमिला और उसकी बेटी नेहा की हत्या की पूरी कहानी लेखपाल ने सुनियोजित तरीके से की थी। लेखपाल ही मुख्य आरोपी है। उन्होंने बताया कि लेखपाल का काम गांव के लोगों को पसंद भी नहीं था।