धुआं के गुबार के बीच ही महापौर प्रमिला पांडेय पहुंचीं और पूरी इमारत का निरीक्षण किया। फायर ब्रिगेड के मुताबिक, शॉर्ट सर्किट से आग लगी। लेखा और मार्ग प्रकाश विभाग में रखीं दो अलमारियां और फाइलें जली हैं। इस दौरान पार्षद नीरज बाजपेई, विकास जायसवाल, हरीस्वरूप तिवारी, महेंद्र पांडेय पप्पू, आलोक पांडेय, पार्षद पति अर्पित यादव समेत कर्मचारी व यूनियन नेता मौजूद रहे।
बागी पार्षदों ने जताया साजिश का अंदेशा
बागी पार्षद विकास जायसवाल ने आग लगने की घटना में साजिश का अंदेशा जताया है। आरोप लगाया कि कृषि शिक्षा मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कुछ दिन पहले ही नगर विकास मंत्री को पत्र लिखकर यहां तैनात रहे मुख्य नगर लेखा परीक्षक इसरार अंबिया के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। कहा था कि लखनऊ नगर निगम तबादले के बाद भी इसरार ने डटे रहे और अनैतिक तरह से बैक डेट पर कार्य करते रहे। इसे छिपाने के लिए आग लगाए जाने का अंदेशा है।
प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट से लेखा व मार्ग प्रकाश विभाग में आग लगने की बात सामने आई है। आग लगने के कारणों की जांच कराई जाएगी। - अर्पित उपाध्याय, नगर आयुक्त
दमकल की चार गाड़ियों ने आग पर नियंत्रण पा लिया। प्रारंभिक जांच में शार्ट सर्किट से आग लगना बताया जा रहा है। कई फाइलें, फर्नीचर जला है। - दीपक शर्मा, मुख्य अग्निशमन अधिकारी