नौबस्ता के चमन नगर मोहल्ले में रहने वाले विश्वनाथ गुप्ता ने मोहल्ले के ही 16 नामजद और 40 अज्ञात लोगों पर बलवा, मारपीट, धमकी व जबरन धर्मांतरण कराने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
कानपुर के नौबस्ता में 56 लोगों के खिलाफ जबरन धर्मांतरण का दबाव बनाने का आरोप लगा एफआईआर दर्ज कराने के मामले में सोमवार को विवेचक ने मोहल्ले में रहने वाले चार हिंदू परिवारों के बयान दर्ज किए। पुलिस ने आरोपियों से भी पूछताछ की है। इसमें चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं, जिन्हें पुलिस अपनी जांच रिपोर्ट में शामिल करेगी।
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नौबस्ता के चमन नगर मोहल्ले में रहने वाले विश्वनाथ गुप्ता ने मोहल्ले के ही 16 नामजद और 40 अज्ञात लोगों पर बलवा, मारपीट, धमकी व जबरन धर्मांतरण कराने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। हालांकि, बाद में पुलिस ने एफआईआर से बलवा और धर्मांतरण जैसी गंभीर धाराओं को हटाने की मौन पुष्टि भी की थी।
सोमवार को विवेचक ने मोहल्ले में पहुंचकर हिंदू परिवारों में राजेश गुप्ता, शोभरन सिंह, रन सिंह और सुनीता गुप्ता को उनकी आईडी समेत थाने बुलाया। थाने में उनके बयान दर्ज किए गए तो अधिकांश लोगों ने आरोपियों के पक्ष में ही अपने बयान दिए। लोगों ने पुलिस को बताया कि मार्च तक विश्वनाथ का आरोपी बबलू खान से खूब भाईचारा था।
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12 मार्च को पास ही रहने वाली उसकी भतीजी रानी खान के निकाह में भी विश्वनाथ का परिवार शामिल हुआ था। बबलू का 14 साल का बेटा है, जिसे पिछले साल अक्तूबर में न्यूरो अटैक पड़ा था। उसका इलाज अभी चल रहा है। आरोप है कि विश्वनाथ उसके बेटे को अक्सर मंदबुद्धि कह देता था, जिसे लेकर उनके बीच विवाद की नींव पड़ी थी। विवेचक ने इस बात की पुष्टि के लिए आरोपी बबलू खान के बेटे की मेडिकल रिपोर्ट भी साक्ष्य के रूप में जमा कराई है।