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Kanpur: चार आदेश…तीन बार रिमाइंडर के बाद भी नहीं हुई एफआईआर, दो साल पहले हुआ था 52 लाख का घोटाला, पढ़ें मामला

Thu, 19 Jun 2025 01:00 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: लाल इमली कर्मचारी संघ के अध्यक्ष अजय सिंह का कहना है कि अफसरों ने मिलकर लाखों रुपये का घोटाला किया है। यह भी पता चल चुका है कि आरोपी के रिश्तेदार के खाते में रकम गई थी। इसका ऑडियो भी है। इसके बाद भी अफसरों ने एफआईआर तक नहीं दर्ज कराई। सभी ने जानबूझकर वेतन में घोटाला किया है।
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लाल इमली मिल - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कानपुर में लाल इमली मिल में करीब दो साल पहले अफसरों ने मिलकर 52 लाख का घोटाला किया था। यहां के अफसरों को आरोपियों के खिलाफ चार बाद आदेश जारी करके और तीन बार रिमाइंडर भेजकर एफआईआर के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद आज तक किसी पर भी एफआईआर नहीं हुई है। मामले की जांच के क्रम में आरोपियों को गुरुवार को मुंबई में अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया गया है।

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बीआईसी के विजिलेंस अफसर को भी बुलाया गया है। मामले में चार आरोपियों में से तीन सेवानिवृत्त हो चुके हैं। केवल एक ही कार्य कर रहा है। करीब दो साल पहले हुई जांच में पता चला था कि चार अफसरों ने अपने एक रिश्तेदार के खातों में रकम भेजी थी, जो मिल का कर्मचारी नहीं था। इसके बाद बीके मौर्या, राकी सेठी, मनोज शुक्ला, विनय मिश्रा को चार्जशीट देकर स्पष्टीकरण मांगा गया था।

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तीन बार रिमाइंडर भी भेजे थे
विनय को छोड़कर तीन अन्य सेवानिवृत्त हो चुके हैं। बीके मौर्या ने स्वीकार किया था कि गलती से खाते में रकम चली गई थी। प्रबंधन ने पहले बीआईसी के कमेटी हेड एसके उपाध्याय, फिर प्रशासनिक अफसर बृजेंद्र मिश्रा, वित्त विभागाध्यक्ष राकी सेठी और प्रशासनिक प्रबंधक सुनील मिश्रा को आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज के आदेश दिए थे, तीन बार रिमाइंडर भी भेजे थे।

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