मेरी मौत के जिम्मेदार राहुल और नारायण हैं... सुसाइड नोट में यह बात लिखकर फाइनेंस कंपनी के कर्मी ने सोमवार को नरवल में ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। एक पेज के सुसाइड नोट में युवक ने कंपनी के दो एएसएम पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए मौत का जिम्मेदार ठहराया है। जीआरपी ने सुसाइड नोट, मोबाइल व अन्य मिले दस्तावेजों को अपने कब्जे में लेकर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।
नरवल थानाक्षेत्र के मुखनाही निवासी राजा सिंह का बेटा सम्राट सिंह (28) रमईपुर स्थित हिंदुजा फाइनेंस कंपनी में काम करता था। परिवार में मां रमा देवी, दो बहनें नेहा और कोमल है। नेहा की शादी हो चुकी है। परिजनों ने बताया कि कंपनी के एएसएम नारायण दत्त मिश्रा और राहुल गुप्ता ने बेटे सम्राट से पहले फर्जी आधार कार्ड के जरिए एक गाड़ी फाइनेंस करवा दी। फिर उसे प्रताड़ित करने लगे। इस वजह से वह गुमसुम रह रहा था। सोमवार सुबह वह रोज की तरह काम पर गया था। देर शाम जीआरपी कानपुर सेंट्रल के सिपाहियों ने उन्हें कॉल कर बेटे के यूपीएसआईडीसी रूमा रेलवे स्टेशन के पास ट्रेन के आगे कूदकर जान देने की सूचना दी। इकलौते बेटे की मौत से घर में कोहराम मच गया। जीआरपी को सम्राट की जेब से एक सुसाइड नोट भी मिला। इसमें उसने दो एएसएम को मौत का जिम्मेदार ठहराते हुए अपना दर्द बयां किया था। जीआरपी ने पोस्टमाॅर्टम कराने के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया।
परिजनों ने किया हंगामा
- फोटो : अमर उजाला
कार्रवाई की मांग करते हुए काटा हंगामा
मंगलवार को पोस्टमाॅर्टम के बाद शव गांव पहुंचते ही परिजनों ने सैकड़ों ग्रामीणों संग मिलकर आरोपियों पर कार्रवाई की मांग करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। हंगामे की सूचना पर पहुंची नरवल पुलिस ने परिजनों ने समझा बुझाकर शांत कराया। नरवल थाना प्रभारी के अनुसार घटनास्थल जीआरपी क्षेत्र का है। उच्चाधिकारियों से बात कर कार्रवाई की जाएगी।
सुसाइड नोट
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सुसाइड नोट में बयां किया दर्द
मैं सात अप्रैल 2025 को आत्महत्या कर रहा हूं। जिसके जिम्मेदार हिंदुजा कंपनी के एएसएम नारायण दत्त मिश्रा और राहुल गुप्ता हैं। इन दोनों ने मुझे बहुत प्रताड़ित किया है। नारायण दत्त मिश्रा ने मुझसे एक फर्जी आधार कार्ड के जरिए गाड़ी फाइनेंस करवाई। जब इस केस के बारे में सब लोगों को मालूम हुआ तो वे लोग मुझे धमकी देने लगे। एएसएम राहुल ने ऑफिस में बुलाकर कहा कि तुम्हारे खिलाफ डीलर मरी मोटर्स ने एफआईआर दर्ज करा दी है। धमकी दी कि अब कस्टमर भी एफआईआर दर्ज करवाने जा रहा है। वहीं ऑफिस के कर्मचारी सुमित उपाध्याय, संतोष और दर्शित ने कहा कि गाड़ी रखवा लो, बाकी मैटर हम लोग देख लेंगे। इसके बाद भी राहुल और नारायण ने मिलकर हमारे खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवा दी। इसके चलते मैं जान देने जा रहा हूं। मेरी मौत के जिम्मेदार राहुल और नारायण हैं। बाकी सभी केस सही कस्टमर के किए है। कृपया करके मेरे घर वालों को प्रताड़ित न किया जाए। इसमें उनका कोई दोष नहीं है।