लॉकर तोड़ने को कहा। मगर परिवार वालों ने लॉकर नहीं तोड़ा। शायद पुलिस अवैध रूप से बरामदगी के प्रयास में थी। आखिर में गुरुवार को दोनों को छोड़ दिया। दोनों एंबुलेंस से पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचे। यहां शिकायत की। ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर आनंद प्रकाश तिवारी ने बताया कि शिकायत का संज्ञान लेते हुए दरोगा ललिता चौहान को निलंबित कर दिया गया है। मामले की जांच एडीसीपी पश्चिम को सौंपी गई है।
लूट में नहीं था हाथ, गलत की थी शिनाख्त
पुलिस के पास लुटेरों का सीसीटीवी फुटेज था। उसी आधार पर उनको शक था कि इसमें सुशील व कार्तिक शामिल हैं। मगर हकीकत ये थी कि फुटेज वाला शख्स कोई दूसरा है। ये पुलिस की बड़ी लापरवाही है। इसलिए प्राथमिक जांच में दरोगा दोषी पाई गई हैं।