कोर्ट में दायर की थी याचिका
शिवबहादुर ने साल 1996 में विद्यालय के कर्मचारी रंग बहादुर यादव की मृत्यु होने के बाद खुद को उनका पुत्र बताकर फर्जी दस्तावेज तैयार कर नौकरी हासिल की थी। इसी नाम से 29 साल तक नौकरी करता रहा। विभाग का कहना है कि रंग बहादुर के परिवारजनों ने इसके खिलाफ कोर्ट में याचिका दायर की थी और जीत भी गए थे, लेकिन फिर मामला अपर जिला न्यायालय और हाईकोर्ट में चलता रहा। इसी का लाभ लेकर वह नौकरी करता रहा
बर्खास्तगी और रिकवरी करने के आदेश
बीते साल 20 सितंबर 2025 को उन्नाव के एक शिक्षक नेता ने आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत की थी। जांच के लिए 26 सितंबर 2025 को सह जिला विद्यालय निरीक्षक प्रशांत द्विवेदी की अगुवाई में तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की गई थी। जांच समिति ने रिपोर्ट जिला विद्यालय निरीक्षक डाॅ. संतोष कुमार राय को भेजी थी। जिला विद्यालय निरीक्षक ने बताया कि आरोपी ने आरोपों पर अपना पक्ष और साक्ष्य नहीं प्रस्तुत किए। जांच समिति की रिपोर्ट पर कर्मचारी को बर्खास्त करने और रिकवरी करने के आदेश प्रधानाचार्य को दिए हैं।