गिरोह के पास से भारी मात्रा में बरामद फर्जी डिग्रियों में वकालत की डिग्रियां भी शामिल थीं। पुलिस को आशंका है कि लखनऊ और प्रयागराज में नामजद हुए अधिवक्ताओं के तार कानपुर से पकड़े गए इसी रैकेट से जुड़े हो सकते हैं।
कानपुर के 2 वकीलों के नाम शामिल
हाईकोर्ट के कड़े रुख के बाद प्रयागराज में 12 अधिवक्ताओं के खिलाफ फर्जी डिग्री रखने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। इनमें कानपुर के दो अधिवक्ता जय नारायण कटियार और पंकज कुमार भी शामिल हैं। जांच के अनुसार, जय नारायण के पास से 'स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय (सागर, मध्य प्रदेश)' तथा पंकज कुमार के पास से 'शोभित विश्वविद्यालय (मेरठ)' की संदिग्ध डिग्री मिली है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, कानपुर में पकड़े गए गिरोह के पास से भी इन्हीं विश्वविद्यालयों की फर्जी डिग्रियां और मार्कशीट बरामद हुई थीं, जिससे वकीलों और जालसाजों के मजबूत गठजोड़ की ओर इशारा मिलता है।
कल्याणपुर व फीलखाना गिरोह से था संपर्क
जांच में सामने आया है कि कल्याणपुर और फीलखाना थाना क्षेत्रों से दबोचे गए फर्जी डिग्री रैकेट के सीधे संपर्क में कई स्थानीय अधिवक्ता भी थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने बताया कि शहर में दर्ज फर्जी डिग्री व मार्कशीट से जुड़े सभी मामलों की जांच और अधिक गहनता व गंभीरता से की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि लखनऊ या प्रयागराज पुलिस यदि जांच के सिलसिले में कोई जानकारी या सहयोग मांगती है, तो उन्हें तुरंत उपलब्ध कराया जाएगा।