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विदेशों तक फैला था नेटवर्क
पूछताछ में खुलासा हुआ कि गिरोह पिछले 13 वर्षों से देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों की फर्जी डिग्री और मार्कशीट तैयार कर मोटी रकम वसूलता था। इनके नेटवर्क का विस्तार भारत के कई राज्यों के अलावा विदेशों तक फैला हुआ था। पुलिस के मुताबिक फर्जी दस्तावेज सऊदी अरब, कनाडा और ब्रिटेन तक बेचे जाने के साक्ष्य मिले हैं।
ये सामान हुआ बरामद
छापेमारी के दौरान 62 कूटरचित मार्कशीट, डिग्री और प्रमाणपत्र, दो लैपटॉप, एक डेस्कटॉप कंप्यूटर, कलर प्रिंटर, तीन हार्ड डिस्क, 141 विश्वविद्यालयों की मोहरें, 80 होलोग्राम, 24 डाई, 830 सादे पेपर और बड़ी मात्रा में अन्य सामग्री बरामद की गई।
गिरोह का सरगना जा चुका है लंदन
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह का सरगना जियाउल हसन दो बार लंदन जा चुका है और वहीं से अपने नेटवर्क का संचालन करने की कोशिश कर रहा था। उसके खिलाफ पूर्व में भी इसी तरह के मामले दर्ज होने की जानकारी मिली है। आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया जा रहा है। पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए जांच में जुटी है।