1000 से ज्यादा नकली सीमेंट की बोरियां मिली थीं
हैरत की बात तो यह है कि दर्ज एफआईआर में फैक्टरी का पता एफ-181 तो दर्ज है, लेकिन वह जमीन किसकी है। इसका जिक्र नहीं है। 14 अक्तूबर को अडाणी ग्रुप की शिकायत पर पुलिस की विशेष टीम ने इस्पातनगर स्थित नकली फैक्टरी बनाने की फर्म में दबिश दी थी। पुलिस को नकली सीमेंट बनाने वाली मशीनें और 1000 से ज्यादा एसीसी व अंबुजा की नकली सीमेंट की बोरियां मिली थीं। मौके से फैक्टरी के मुंशी राहुल को पकड़ा था।
जमीन एक प्रभावशाली सफेदपोश के परिवार से संबंधित
संचालक गुप्ता बंधु नीरज-धीरज व उनके साझेदार मेरठ निवासी निशांत व सुनीत मित्तल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस सूत्रों के अनुसार यह जमीन एक प्रभावशाली सफेदपोश के परिवार से संबंधित है। वहीं, नकली सीमेंट को खपाने में भी सफेदपोश के ही बेहद करीबी का नाम ही जुड़ रहा है। पनकी इंस्पेक्टर दिनेश बिष्ट का कहना है कि प्राथमिकी ग्रुप की ओर से दी गई तहरीर के मुताबिक लिखी गई है। जमीन का असली मालिक कौन है, इसकी जांच की जा रही है।
गुप्ता बंधुओं की तलाश के लिए टीम बहराइच रवाना
पुलिस के मुताबिक फैक्टरी संचालक नीरज और धीरज गुप्ता की हालिया लोकेशन बहराइच में मिली है। एक टीम सोमवार को ही वहां के लिए रवाना की गई है। मंगलवार तक दोनों भाइयों के पकड़े जाने की सुगभुगाहट पुलिस विभाग में है। वहीं, चर्चा है कि दोनों भाई गिरफ्तारी न हो इसके लिए भी कोर्ट से स्टे लेने की फिराक में हैं।