आरटीओ कार्यालय में छापेमारी और कार्रवाई के बाद वाहन स्वामियों को राहत देने के लिए शुरू होने वाली परिवहन मेले की पहल पर फिलहाल ब्रेक लग गया है। शिक्षक एमएलसी चुनाव के चलते प्रदेश के कई जिलों में आचार संहिता लागू होने से 23 अक्टूबर को प्रस्तावित परिवहन मेला निरस्त कर दिया गया है। अब नवंबर में भी मेला शासन के अग्रिम आदेश के बाद ही लगाया जा सकेगा। ऐसे में कार्यालय के चक्कर काटने और काम के लिए दलालों पर निर्भर रहने की शिकायतों से जूझ रहे वाहन स्वामियों को फिलहाल राहत का इंतजार करना होगा।
परिवहन विभाग ने मंडल मुख्यालय स्थित आरटीओ कार्यालय में हर महीने के चौथे शुक्रवार को परिवहन मेला लगाने की योजना बनाई थी। इसके तहत वाहन स्वामियों की समस्याओं का समाधान करने के साथ परिवहन संबंधी सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराई जानी थीं। लेकिन शुरुआत से पहले ही आचार संहिता के चलते आयोजन टालना पड़ा।
बकाया टैक्स जमा कराने की भी थी तैयारी
परिवहन मेले के जरिए विभाग की योजना वाहन स्वामियों की समस्याएं दूर करने के साथ राजस्व वसूली बढ़ाने की भी थी। लंबे समय से टैक्स जमा नहीं करने वाले बड़े बकाएदारों से व्यक्तिगत संपर्क कर वसूली की जानी थी। इसके अलावा पेनाल्टी में विशेष छूट और वन-टाइम सेटलमेंट (ओटीएस) के विकल्पों की जानकारी देकर बकाया जमा कराने के लिए प्रोत्साहित किया जाना था।
नवंबर के मेले पर भी शासन के आदेश का इंतजार
परिवहन विभाग की योजना के अनुसार नवंबर से हर महीने के चौथे शुक्रवार को मेला लगाया जाना था। हालांकि, अक्टूबर का आयोजन निरस्त होने के बाद नवंबर में मेले की तारीख भी फिलहाल तय नहीं है। शासन से अग्रिम आदेश मिलने के बाद ही आयोजन की स्थिति स्पष्ट होगी। ऐसे में वाहन स्वामियों को बाबुओं और दलालों के चक्कर से राहत दिलाने वाली इस पहल के लिए अभी इंतजार करना पड़ेगा।