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कई बच्चों की बिगड़ गई तबीयत
इसकी मियाद जुलाई 2026 में ही पूरी हो चुकी थी। एक्सपायर सिरप पीकर जयपाल और मीना के चार वर्षीय बेटे ऋषभ को उल्टियां होनें लगीं। तत्काल उसे पास के निजी डॉक्टर के पास ले जाया गया। उनकी दवा से ऋषभ की हालत सुधरी। इसी तरह से दवा और सिरप लेने से सोनम और रिंकू के तीन वर्षीय बेटे रुद्र और अंकिता व अजय के तीन साल के बेटे आयुष की तबीयत बिगड़ गई।
स्वास्थ्य विभाग ने कोई सिरप नहीं बांटा
इससे मायापुरम् के लोग दहशत में आ गए। इसके बाद एक्सपायर सिरप व दवाओं को फेंक दिया गया। मंगलवार को फिर से स्वास्थ्य विभाग की टीम दवा लेकर पहुंची तो लोगों ने दवा लेने से इंकार कर दिया। मुख्य चिकित्साधिकारी डा. हरिदत्त नेमी ने बताया कि कार्पोरेशन सेव इस तरह के सिरप की सप्लाई नहीं हुई। नि किसी ने शरारत की है। स्वास्थ्य विभाग ने कोई सिरप नहीं बांटा।
मुंह बंद रखने के लिए 100 रुपये दिए
मंगलवार को जब मीडिया कर्मियों ने एक्यपायर सीरप की जानकारी करनी चाही, तो स्वास्थ्य विभाग की टीम फिर से पहुंच गई। ऋषभ की मां मीना ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम ने आकर गलती से सिरप दिए जाने की बात कहकर गलती मानी है। बच्चे के इलाज को 100 रुपये दे रहे थे, पर हमने लिए नहीं। अगर एक्यपायर सिरप से बेटे की मौत हो जाती, तो कौन जिम्मेदार होता। इसके जवाब पर स्वास्थ्य कर्मी चुप हो गए।