झमाझम बारिश के बाद भी भक्तों की आस्था नहीं डिगी। सावन के चौथे व अंतिम सोमवार पर शिव मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ रही। सुबह से ही भक्त लाइन में लगकर जलाभिषेक और पूजा-अर्चना के लिए अपनी बारी का इंतजार करते रहे। इस दाैरान मंदिर परिसर बम-बोले और हर-हर महादेव के जयकारों से गूंजते रहे।
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चौथे सोमवार पर परमट स्थित श्री आनंदेश्वर मंदिर में भक्तों की लाइन लगी रही। लगातार बारिश के बावजूद पूजा की थाली व लोटे में जल लिए भक्त पट खुलने का इंतजार करते रहे। रविवार आधी रात दो बजे मंगला आरती के बाद पट खोले गए। भक्त हर-हर महादेव, बम-बम भोले के जयकारे लगाते हुए दर्शन करने के लिए टूट पड़े।
पूजन करते श्रद्धालु
- फोटो : अमर उजाला
मंदिर प्रशासन के मुताबिक शाम पांच बजे तक करीब डेढ़ लाख से अधिक भक्तों ने दर्शन कर लिए थे। यह सिलसिला देर रात तक चलता रहा। वहीं नवाबगंज के जागेश्वर धाम, शिवराजपुर के खेरेश्वर, जाजमऊ के सिद्धनाथ धाम, पीरोड के वनखंडेश्वर मंदिर, नयागंज स्थित नागेश्वर मंदिर, कछुआ तालाब पनकी के शिवमंदिर, बर्रा बाईपास स्थित भोलेश्वर मंदिर, फूलबाग के खेरेपति मंदिर, स्वरूप नगर स्थित भोलेश्वर व गृहस्थेश्वर मंदिर में भक्तों की भार भीड़ रही।
शिवालयों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
सुरक्षा के रहे विशेष इंतजाम
मंदिरों में सुरक्षा व्यवस्था के विशेष इंतजाम किए गए थे। सीसीटीवी कैमरे से लेकर मंदिर प्रशासन के सेवक भक्तों की कतारों को व्यवस्थित करने में लगे रहे। पुलिस प्रशासन ने भी व्यापक इंतजाम किए थे। गंगा घाटों के किनारे भी पुलिस तैनात रही।
लोगों ने व्रत रखा
अंतिम सोमवार पर कई लोगों ने व्रत रखा। घरों में पूजा-अर्चना की। भक्तों ने परिवार की खुशहाली के लिए महादेव से आशीर्वाद मांगा। जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया वैसे-वैसे ही मंदिरों में श्रद्धालुओं की संख्या भी बढ़ती चली गई।
श्री आनंदेश्वर मंदिर कॉरिडोर पर जलभराव
- फोटो : अमर उजाला
मंदिर जाने वाले रास्तों पर भरा पानी
बारिश की वजह से जहां पूरा शहर जलमग्न था। वहीं शिवालयों के आसपास भी पानी भर गया। भक्तों को घुटने तक भरे पानी से होकर दर्शन करने जाना पड़ा। श्री आनंदेश्वर मंदिर कॉरिडोर पर तो श्रद्धालु दो फीट जलभराव से होकर गुजरना पड़ा। पीरोड स्थित वनखंडेश्वर मंदिर, जाजमऊ के सिद्धनाथ धाम, शिवराजपुर के खेरेश्वर मंदिर के लिए जाने वाले मार्ग पर भी यही हाल था।