कंपनी के प्रयास से मिली रिहाई
चंदन के पिता महेश गुप्ता ने बताया कि बेटे की कंपनी की ओर से किए गए प्रयासों के बाद चंदन को छोड़ दिया गया। उन्होंने कहा कि उनकी चंदन और बहू स्नेहा से बातचीत हुई है। चंदन के सकुशल परिवार के साथ होने की जानकारी मिलने के बाद परिजनों ने राहत की सांस ली।
भारतीय दूतावास ने भी मांगी थी राजनयिक पहुंच
मामला सामने आने के बाद मॉस्को स्थित भारतीय दूतावास ने स्नेहा गुप्ता और स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में रहने की बात कही थी। दूतावास ने चंदन तक राजनयिक पहुंच यानी कांसुलर एक्सेस की मांग की थी और उनकी रिहाई के लिए स्थानीय अधिकारियों के सामने मामला उठाया था।
पत्नी ने लगाया था रूसी सेना में भेजने का आरोप
चंदन की हिरासत की जानकारी सामने आने के बाद पत्नी स्नेहा ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मदद की अपील की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि उनके पति को रूसी सेना में भेजे जाने का दबाव बनाया जा रहा है। उस समय चंदन को हिरासत में लिए जाने के कारणों और सेना में भेजे जाने के आरोप की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई थी।
एडीसीपी लीउ महेश कुमार ने बताया कि चंदन के पिता उनकी सकुशल वापसी की बात बता रहे हैं। मामले में सामने आए घटनाक्रम और संबंधित अधिकारियों की जानकारी के आधार पर स्थिति पर नजर रखी जा रही है।