बिकरू कांड में शुक्रवार को एसआईटी (विशेष जांच दल) पुलिस और फोरेंसिक टीम के साथ विकास दुबे के घर पहुंची। टीम ने विकास दुबे के घर के साथ आसपास के इलाके का भी निरीक्षण किया। इस दौरान फोरेंसिक टीम ने मुठभेड़ स्थल से अहम साक्ष्य भी जुटाए। क्राइम सीन को रीक्रिएट किया गया।
एसआईटी ने आठ पुलिस कर्मियों की मौत के बाद बदमाश जिस रास्ते से भागे उस रास्ते का भी निरीक्षण किया। इसके बाद टीम काशीनाथ पुरावा पहुंची। यहां आठ पुलिस कर्मियों की मौत के बाद पुलिस ने एनकाउंटर में विकास दुबे के मामा अतुल दुबे और प्रेम प्रकाश मार गिराया था।
एसआईटी ने उस जगह का भी दौरा किया जहां यूपी एसटीएफ ने गाड़ी पलटने के बाद भागने पर विकास दुबे को मुठभेड़ में मार गिराया था। यहा भी फोरेंसिक टीम ने कई सबूत एकत्र किए। टीम ने प्रभात मिश्रा के मुठभेड़ स्थल का भी निरीक्षण किया।
बता दें कि बिकरू गांव में दो जुलाई की रात को विकास दुबे के घर दबिश देने गई पुलिस की टीम पर घातलगाकर बैठे बदमाशों ने हमला कर दिया था। जिसमें सीओ सहित आठ पुलिस कर्मी शहीद हो गए। पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई कर विकास दुबे के पांच साथियों को मुठभेड़ में मार गिराया।
वहीं यूपी एसटीएफ ने विकास के 12 साथियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। नौ जुलाई की सुबह उज्जैन से कानपुर लाते समय विकास की कार पलट गई। इस दौरान उसने सिपाही की पिस्टल छीन कर भागने की कोशिश की पर पुलिस ने मुठभेड़ में विकास को भी मार गिराया। इस पूरे मामले की जांच के लिए एसआईटी और जांच आयोग का गठन हुआ है।