मंत्रालय कर रहा एलिवेटेड रोड की डीपीआर का अध्ययन
रामादेवी से गोल चौराहे तक 1500 करोड़ से बनने वाली चार लेन एलिवेटेड रोड का प्रस्ताव सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की वार्षिक योजना में शामिल है। यह शहर की दूसरी एलिवेटेड रोड होगी। इसकी लंबाई 10.2 किलोमीटर और चौड़ाई 22 मीटर होगी। हैदराबाद की कंसलटेंट कंपनी हेक्सा की तरफ से तैयार की गई डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) चार महीने पहले मंत्रालय भेज दी गई थी।
डीपीआर स्वीकृत करने के संकेत
वहां कई बार हुई बैठकों और उनमें दिए गए सुझावों के आधार पर कई संशोधन किए गए हैं। इन संशोधनों में एलिवेटेड रोड को जरीबचौकी आरओबी से जोड़ने का भी प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही एलिवेटेड रोड में श्यामनगर मोड़, टाटमिल चौराहा, अफीमकोठी में भी रैंप बनाने की योजना है। हालांकि अभी एलिवेटेड रोड निर्माण में कुछ अड़चनें हैं। मंत्रालय ने इन अड़चनों को दूर कर डीपीआर स्वीकृत करने के संकेत दिए हैं।
जरीबचौकी रेलवे ओवर ब्रिज निर्माण के लिए ठेकेदार कंपनी चयनित हो गई है। मुख्यालय से अनुमति मिलते ही कार्यादेश जारी कर दिया जाएगा। पुल निर्माण स्थल पर बिछीं सीवर लाइनें, पाइपलाइनें, केबिल आदि शिफ्ट कराने की तैयारियां की जा रही हैं। -विजय कुमार सेन, मुख्य परियोजना प्रबंधक, सेतु निगम
जीटी रोड पर रामादेवी से गोल चौराहे तक एलिवेटेड रोड का प्रस्ताव वार्षिक योजना में शामिल है। निर्माण लागत 1500 करोड़ रुपये है। अभी वित्तीय स्वीकृति नहीं मिली है। इसकी डीपीआर भी लगभग फाइनल हो गई है पर कुछ अड़चनें हैं। इन्हें दूर करते ही डीपीआर स्वीकृत होने के साथ ही वित्तीय स्वीकृति भी मिल जाएगी। -प्रवीण कुमार, अधीक्षण अभियंता, एनएच पीडब्ल्यूडी