इस बीच ट्रेन प्रयागराज स्टेशन पर रुकी तो मंजर के बेटे ने कुछ अन्य यात्रियों के साथ प्लेटफार्म पर जाकर पूछताछ की, लेकिन उन्हें कोई मदद नहीं मिली, तभी ट्रेन चल दी। कानपुर तक करीब पांच घंटे तक मंजर आलम तड़पते रहे। दोपहर करीब 2:02 बजे ट्रेन सेंट्रल स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर-1 पर पहुंची तो मंजर के बेटे व अन्य यात्रियों ने टीटी को जानकारी दी। उस वक्त मंजर बेहोश हो गए थे।
टीटी की सूचना पर प्लेटफार्म पर ड्यूटी पर तैनात डॉ. रंजीत कोच में पहुंचे और 2:35 बजे जांच करने के बाद उन्होंने मंजर को मृत घोषित कर दिया। इस दौरान सीमांचल एक्सप्रेस करीब 45 मिनट खड़ी रही और दोपहर 2:44 बजे रवाना हुई।
मुगलसराय से ट्रेन चलने के बाद यात्री के साथ माैजूद परिजनों ने कहीं भी उसके बीमार होने की जानकारी नहीं दी। ट्रेन दोपहर 2:02 बजे सेंट्रल स्टेशन पर पहुंची तो परिजनों ने बुजुर्ग के बीमार होने की जानकारी दी। जिस पर 2:22 बजे डाॅक्टर कोच में पहुंचे और जांच करने के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। - शशिकांत त्रिपाठी, सीपीआरओ उत्तर मध्य रेलवे