कानपुर नगर निगम के तीन साल में नाला सफाई कार्यों की भी जांच होगी। इसके लिए नगर आयुक्त ने फाइलें मंगा ली हैं। इनमें देखा जाएगा कि जिन टेंडरों में नाला सफाई दिखाई जा रही है, वहां कार्य हुए भी थे या नहीं। शहर में तीन साल से बारिश के दौरान जलभराव हो रहा है। इस बार तो विकट स्थिति हो गई।
बारिश से पूर्व ही 95 प्रतिशत नाला सफाई का कार्य पूरा कर लेने के नगर निगम अधिकारियों के दावों की पोल मानसून आते ही खुल गई। वह इलाके भी जलमग्न हुए जहां पहले कभी पानी नहीं भरता था। नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय के साथ महापौर प्रमिला पांडेय ने भी इस पर नाराजगी जताई थी। अब नगर निगम में भ्रष्टाचार की जांच तेज हुई है, तो नाला सफाई कार्य में भी खेल किए जाने की बात उठ रही है।