मंदिरों पर सरकारी नियंत्रण के विरोध में विश्व हिंदू परिषद ने मुहिम शुरू की है। इसी कड़ी में शनिवार को महानगर पहुंचे विहिप के केंद्रीय संयुक्त महामंत्री डॉ. सुरेंद्र जैन ने कहा कि इस तरह का प्रतिबंध हिंदू समाज के साथ धोखा है। वह साकेतनगर में आयोजित प्रबुद्ध नागरिक संगोष्ठी से पहले पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि मंदिरों की संपत्ति व प्रबंधन पर कुठाराघात, आंध्र प्रदेश में तिरुपति मंदिर के प्रसाद या फिर बंगाल सरकार की ओर से दीघा के जगन्नाथ धाम के प्रसाद की ठेकेदारी हलाल व्यापारियों को देने की बात हो, ऐसी घटनाओं से सिद्ध होता है कि सेक्युलर सरकारें हिंदू आस्था का सम्मान नहीं कर सकतीं। इसी वजह से पांच जनवरी को आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा से शुरू मंदिर मुक्ति अभियान को अब जन-जन का अभियान बनाया जाएगा। हिंदू धर्मस्थलों को स्वाधीन कराकर हिंदू समाज को सौंपा जाएगा।
प्रबुद्ध नागरिक संगोष्ठी
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने कहा कि विहिप समाज को धर्मांतरण के कलंक से मुक्ति करने का काम भी करेगा। कहा कि धर्मांतरण कारी मिशनरियों और इस्लामिक तत्वों को भी समझना होगा कि उनके षड्यंत्र अब सफल नहीं हो पाएंगे। इन मामलों में चर्च और मुस्लिम संगठनों को भी आत्म चिंतन की आवश्यकता है।
प्रबुद्ध नागरिक संगोष्ठी
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संगोष्ठी में विहिप क्षेत्र संगठन मंत्री गजेंद्र, विहिप प्रांत अध्यक्ष राजीव महाना, विहिप प्रांत कार्याध्यक्ष डॉ. उमेश पालीवाल, गोल्डी मसाले से सुरेंद्र गुप्ता, आईआईटी प्रो. नचिकेता तिवारी, डॉ. एके अग्रवाल, विहिप प्रांत मंत्री राजू पोरवाल, प्रांत प्रचार प्रसार प्रमुख ओमेंद्र अवस्थी, विभाग प्रचारक बैरिस्टर, विभाग कार्याध्यक्ष पंकज शुक्ल, विभाग मंत्री गौरांग, जिलाध्यक्ष संत सिंह, अनुराग दुबे आदि रहे।