डीएम ने सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में की बैठक
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जिलाधिकारी ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर तीन वर्ष से अधिक समय से तैनात सभी प्रभारी चिकित्साधिकारियों को हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बदलाव के साथ काम में नई गति आनी चाहिए। सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में शनिवार को आयोजित बैठक में डीएम ने टीबी मुक्त भारत अभियान में जनपद के कमजोर प्रदर्शन पर जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. सुबोध प्रकाश को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए। इस अभियान की प्रगति 86 प्रतिशत होने से जनपद पूरे मंडल में अंतिम स्थान पर है।
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पोषण पोटली योजना की प्रगति भी धीमी है, जबकि केंद्र सरकार वर्ष 2025 तक देश को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित कर चुकी है। उन्होंने सभी चिकित्सकों को निर्देश दिया कि सीएचसी और पीएचसी पर बाहरी दवाएं न लिखी जाएं, केवल सूचीबद्ध दवाएं निर्धारित पर्ची पर ही लिखी जाएं। एनआरएचएम के अंतर्गत जनपद में स्वीकृत 229 पदों में से केवल 148 पद भरे हैं, खाली पद जल्द भरें जाए। संस्थागत प्रसव को बढ़ाया जाए।
बैठक करते डीएम
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बताया कि जनपद में 8,17,947 लोगों को आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत गोल्डन कार्ड वितरित किए जा चुके हैं, जो कुल लक्ष्य का 64 प्रतिशत है। वर्तमान में जनपद के 228 चिकित्सालय इस योजना में सूचीबद्ध हैं। उन्होंने वय वंदन योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि 70 वर्ष से अधिक आयु के लाभार्थियों की संख्या 53,003 है। इस उपलब्धि के साथ जनपद प्रदेश में दूसरे स्थान पर है। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी दीक्षा जैन, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. उदयनाथ, विभिन्न विभागों के अधिकारी, चिकित्सा अधीक्षक, एमओआईसी व अन्य स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे।