'सेल्फी विद अटेंडेंस' जैसे आईडिया ने सरकारी स्कूलों की तकदीर बदल डाली। मास्टर संग बच्चों की मौजूदगी ने चमत्कारिक परिवर्तन ला दिया है। उत्तर प्रदेश के तमाम सरकारी प्राइमरी और जूनियर स्कूलों में इस फॉर्मूले का इस्तेमाल किया जा रहा है जो वाकयी असरदार है।
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यहां कानपुर के स्कूलों में भी पढ़ाने वाले शिक्षकों की हाजिरी लगाने की नई व्यवस्था लागू की जा रही है। शिक्षकों और हेड मास्टर को स्कूल में बच्चों के साथ ग्रुप फोटो खींचकर ब्लाक स्तर पर बनाए गए व्हाट्स एप ग्रुप पर शेयर करनी होगी।
डीएम की इस स्मार्ट सोच ने बदल डाली तस्वीर
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जिले के डीएम सुरेंद्र सिंह की इस स्मार्ट सोच का नाम है 'सेल्फी विद अटेंडेंस'। सरकारी स्कूलों में प्राथमिक शिक्षा का स्तर का सुधारने के लिए उन्होंने यह फैसला लिया है। अब इसी नियम पर उन्होंने शिक्षा गृह अभियान चालू किया है।
इस अभियान को लेकर सोमवार को कैंप दफ्तर में एक बैठक हुई। इसमें जिलाधिकारी ने कहा कि अच्छा काम करने वाले शिक्षकों को पुरस्कृत किया जाएगा। नए प्रयोग करने वाले शिक्षकों को प्रोत्साहित किया जाएगा।
सक्सेज स्टोरी बच्चों से करें साझा
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केवल यही नहीं इंग्लिश मीडियम शिक्षा के बंदोबस्त किए जाएंगे। शिक्षा गृह योजना को सफल बनाने केलिए ब्लाक और जिला स्तर पर कंट्रोल रूम बनाए जाएंगे। सरकारी स्कूलों में पढ़कर ऊंचे ओहदों पर पहुंचे लोगों की सक्सेज स्टोरी बच्चों से साझा की जाएंगी। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अरुण कुमार, एसडीएम सदर अभिषेक आनंद और अन्य अफसर मौजूद रहे।
-शिक्षा गृह अभियान के तहत हाजिरी की नई व्यवस्था