बरनाव गांव की गोशाला में गोवंशों का चारा देखते डीएम
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आठ लापरवाह कर्मचारियों का एक दिन का वेतन रोका
अप्रैल में मात्र सात ओपीडी चिकित्साधीक्षक द्वारा की गई। निरीक्षण में जानकारी मिली कि चिकित्साधीक्षक ओपीडी में मरीजों को स्वयं नहीं देखते हैं। डीएम ने इस लापरवाही के बारे में उनसे पूछा तो वह संचारी रोग नियंत्रण अभियान व अन्य व्यवस्थाओं में व्यस्त होने का हवाला देकर बहाने बनाते रहे। इस पर डीएम ने नाराजगी जताई। चिकित्साधीक्षक समेत आठ लापरवाह कर्मचारियों का एक दिन का वेतन रोकने के साथ विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए।
जानकारी करते डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह
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गोशाला पशुओं के सामने मिला सूखा भूसा
पतारा सीएचसी के बाद डीएम बरनाव गांव की गोशाला पहुंचे। मुख्य मार्ग से गोशाला जाने वाला मार्ग खस्ताहाल मिला। निरीक्षण में पशुओं को हरा चारा के बजाय सूखा चारा दिया जाना पाया गया और चारे में चूनी -चोकर की मात्रा कम मिली। सूखे चारे में पानी की कमी भी पाई गई। इस पर डीएम ने नाराजगी जताई।
डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह
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पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जा रहीं
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी व संबंधित खंड विकास अधिकारी को गोशाला की अन्य कमियों की पड़ताल कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित प्रधान को कारण बताओ नोटिस जारी करने व अन्य संबंधित कर्मचारियों पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया। कहा कि शासन से प्रतिदिन प्रति पशु 50 रुपये व्यय करने का प्रावधान है, तब भी उन्हें पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जा रही है।