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Kanpur: पांच कालिदास मार्ग तक पहुंचा डीएम-सीएमओ का मामला, पूर्व सीएम अखिलेश ने कसा तंज

Tue, 17 Jun 2025 11:20 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

डीएम-सीएमओ के बीच तकरार का मामला पांच कालिदास मार्ग तक पहुंच गया है। जिलाधिकारी लखनऊ चले गए। सोशल मीडिया पर मामले को लेकर बवाल मचा रहा।
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पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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डीएम-सीएमओ विवाद अब पांच कालिदास मार्ग तक पहुंच गया है। हालांकि सीएम के मंगलवार को राजधानी से बाहर होने की वजह से मामले का हल उनके आने के बाद ही पता चलेगा। इधर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी इस मामले में तंज कसा है। एक कार्यक्रम के दाैरान अखिलेश ने इस संबंध में पूछे गए सवाल पर अलग अंदाज में टिप्पणी की। कहा कि पहले इंजन लड़ते थे, अब डिब्बे भी लड़ने लगे हैं। उनका यह बयान भी खूब वायरल हो रहा है। इस मामले को लेकर सपा और कांग्रेस भी राजनीतिक लाभ लेने में जुट गई हैं।
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इस बीच मंगलवार सुबह ही जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह शहर से बाहर चले गए। चर्चा है कि वह लखनऊ गए हैं, लेकिन पुख्ता जानकारी किसी के पास नहीं है। माना जा रहा है कि वह इस मामले में प्रमुख सचिव के सामने अपनी बात रख सकते हैं। उधर सीएमओ डॉ हरिदत्त नेमी भी आज ड्यूटी पर नहीं गए। बताया गया कि उन्होंने आज के लिए छुट्टी ले रखी है। सीएमओ का कहना है कि उन्हें अनावश्यक रूप से फंसाया जा रहा है। हालांकि डीएम ने उनके खिलाफ कार्याें में लापरवाही के लिए प्रमुख सचिव से उन्हें हटाने की संस्तुति की है। इस मामले को लेकर कुछ और जनप्रतिनिधि पत्र लिखकर धमाका करने की कोशिश में थे, लेकिन उनके संगठन ने उन्हें ऐसा करने से साफ मना कर दिया। इस बीच सपा विधायक अमिताभ बाजपेई ने भी वीडियो जारी करके कहा कि हम लोग दर्शक हैं। आम आदमी और विपक्ष विवाद सामने आने के बाद ठगा महसूस कर रहा है। विवाद इंगित कर रहा है कि सरकार भ्रष्टाचार में लिप्त है। पत्र इंगित कर रहे हैं कि यह लड़ाई मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री के बीच की है।

इधर, दूसरे दिन भी सोशल मीडिया से लेकर सरकारी विभागों के कार्यालयों में सिर्फ इसी मामले की चर्चा रही। जिन जनप्रतिनिधियों ने दोनों अधिकारियों का पक्ष लेते हुए पत्र लिखा था, वे दूसरे दिन ऊपर से तो शांत दिखे, लेकिन उनके पत्र के मुताबिक शासन का फैसला आए, इसके लिए कोशिश भी करते रहे। इससे अलग भाजपा संगठन ने पूरे मामले में चुप्पी साध रखी है। संगठन के लोगों का कहना है कि इसमें उनका पड़ना ठीक नहीं है। शहर के कुछ और प्रमुख लोग बिना आगे आए इस मसले में कमर कसे हुए हैं।
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