2019 में राहत की बात यह थी कि हल्की ठंड शुरू होते ही डेंगू थमने लगा था। ज्यादा ठंड पड़ते ही ऐसे मरीज मिलने बंद हो गए थे। पर, इस बार हल्की ठंड शुरू होते ही डेंगू के मरीज बढ़ने लगे हैं। नगर में 12 साल से ज्यादा समय तक जिला महामारी वैज्ञानिक पद पर तैनात रहे डॉ. देव सिंह ने बताया कि तीन साल में डेंगू का पीक आता है। उनका मानना है कि इस पूर्वानुमान के बावजूद विभागीय सक्रियता की कमी से फिर इस रोग का पीक शुरू हो गया है। अभी भी सफाई, फागिंग, दवा के छिड़काव आदि से थोड़ी राहत मिल सकती है।
किया होना चाहिए, जो नहीं हो रहा
- कहीं भी जलभराव न होने दें, हो तो एंटी लार्वा का छिड़काव किया जाए।
- शहर के सभी नाले-नालियों में भी एंटी लार्वा का छिड़काव किया जाए।
- शहर में एंटी लार्वा छिड़काव और सघन फागिंग शाम को एक साथ हो।
आप कर सकते हैं बचाव के ये उपाय
- कूलर, छत में रखे सामान, कबाड़ में पानी पांच दिन से ज्यादा भरा न रहने दें।
- मच्छरमार अगरबत्ती का कम से कम उपयोग करें, मच्छरदानी का उपयोग करें।
- मच्छर पसीने की दुर्गंध से आकर्षित होते हैं। इसलिए सफाई रखें, फुल कपड़े पहनें।
पिछले साल इन दिनों तक डेंगू के 400 मरीज हो गए थे, इस साल अभी तक 122 केस ही मिले हैं। जहां मरीज मिल रहे हैं, वहां नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग की टीमें अभियान चला रही हैं। दिन में एंटीलार्वा का छिड़काव कराया जा रहा है। शाम को फॉगिंग हो रही है। नर्सिंगहोम संचालकों से डेंगू के मरीजों के सैंपल मांगे हैं, उनकी क्रास चेकिंग कराऊंगा।- डॉ. आलोक रंजन, सीएमओ